राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा फोकस, यूनिसेफ संग बनी नई रणनीति
राजस्थान में मातृ, नवजात, शिशु और किशोर स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार और यूनिसेफ के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया। जयपुर में हुई बैठक में वंचित वर्गों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, नवाचार, साक्ष्य आधारित मॉडल, विभागीय समन्वय और मेडिकल शिक्षा में बाल अधिकारों को शामिल करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
- राजस्थान स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए यूनिसेफ के साथ साझेदारी बढ़ाई जाएगी।
- मातृ, नवजात, शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य पर लाइफ-साइकिल अप्रोच को मजबूत करने पर जोर।
- बाल अधिकारों को प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन से जोड़ने के प्रस्ताव का स्वागत।
Rajasthan, UNICEF Strengthen Health Partnership : राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जरूरतमंद लोगों तक समान रूप से पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार और यूनिसेफ के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसी सिलसिले में यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि जेस्पर मोलर ने शासन सचिवालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ से मुलाकात की।
बैठक में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े मौजूदा हालात और आने वाले समय की प्राथमिकताओं पर चर्चा हुई। खास तौर पर माताओं, नवजात शिशुओं, बच्चों और किशोरों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ उन परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने पर बात हुई, जो अभी भी स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं।
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जेस्पर मोलर ने स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूद इक्विटी गैप्स का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजस्थान सरकार के पास बड़े स्तर पर योजनाओं और सेवाओं को लागू करने की क्षमता है। वहीं यूनिसेफ नवाचार और साक्ष्य आधारित समाधानों के जरिए प्रभावी मॉडल तैयार करने में सहयोग कर सकता है। बैठक में ऐसे सफल समाधानों को व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार हुआ।
दोनों पक्षों ने माना कि बच्चों और किशोरों से लेकर माताओं और नवजातों तक स्वास्थ्य सेवाओं को अलग-अलग हिस्सों में देखने के बजाय एक समग्र नजरिए से मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल और कन्वर्जेंस को भी अहम माना गया।
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बैठक में मेडिकल शिक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी सामने आया। यूनिसेफ के उप प्रतिनिधि ने प्री-सर्विस मेडिकल एजुकेशन में बाल अधिकारों के दृष्टिकोण को शामिल करने का सुझाव दिया। प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने इस पहल का स्वागत करते हुए यूनिसेफ से विस्तृत कॉन्सेप्ट नोट उपलब्ध कराने को कहा, ताकि प्रस्ताव पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
मुलाकात के दौरान जेस्पर मोलर ने अपने राजस्थान दौरे का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने किशनगढ़ स्थित स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट का दौरा किया था, जहां उन्होंने गंभीर और कमजोर नवजातों की देखभाल में जुटे डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के काम को करीब से देखा। उन्होंने फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की।
राज्य और यूनिसेफ के बीच आगामी कंट्री प्रोग्राम 2028–2032 को लेकर भी शुरुआती चर्चा हुई। इसमें राजस्थान की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए नई चुनौतियों से निपटने, अब तक हासिल उपलब्धियों को बनाए रखने और जिन क्षेत्रों में अभी कमी है, वहां सुधार की संभावनाओं पर विचार किया गया।



