डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने दिल्ली में रखा राजस्थान का पक्ष
महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं को लेकर नई दिल्ली में हुए विभागीय शिखर सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राजस्थान की योजनाओं और नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ भविष्य के लिए राज्य में शिक्षा, पोषण और सशक्तिकरण पर लगातार काम किया जा रहा है।
- दिया कुमारी ने महिला एवं बाल विकास से जुड़े मुद्दों पर राजस्थान का पक्ष रखा।
- महिला सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया।
- पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं में किए जा रहे कार्यों व नवाचारों पर चर्चा हुई।
Rajasthan Women & Child Empowerment : राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में आयोजित विभागीय शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। सम्मेलन में महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों, योजनाओं और राज्यों में किए जा रहे नवाचारों पर चर्चा हुई।
इस दौरान दिया कुमारी ने राजस्थान में महिला सशक्तिकरण, बाल कल्याण, बालिका शिक्षा, पोषण और आंगनवाड़ी सेवाओं को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य में इन क्षेत्रों में अपनाए जा रहे नवाचारों और प्राथमिकताओं को भी सामने रखा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार का जोर महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और बेहतर माहौल तैयार करने पर है। उन्होंने कहा कि हर बेटी को शिक्षा हासिल करने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें, यह राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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उन्होंने मातृशक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के साथ बच्चों के स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य को लेकर किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों का असर जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जा रहा है।
दिया कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिलाओं के सशक्तिकरण, बेटियों की शिक्षा और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी व्यवस्थाएं मजबूत करना है, जिनसे महिलाओं और बच्चों को विकास के अधिक अवसर मिल सकें।
नई दिल्ली में हुए इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने महिला एवं बाल विकास से जुड़े कार्यक्रमों, योजनाओं और नवाचारों पर अपने अनुभव साझा किए। राजस्थान की ओर से भी प्रदेश में किए जा रहे कार्यों और आगे की प्राथमिकताओं को चर्चा में रखा गया।



