अब योजनाओं की होगी तेज रफ्तार
राजस्थान में सरकारी योजनाओं, बजट घोषणाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने पर जोर बढ़ाया गया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण, बजट के बेहतर उपयोग, निवेश प्रस्तावों की समयबद्ध मंजूरी और हरियालो राजस्थान की निगरानी के निर्देश दिए। बैठक में ई-फाइल, जन-अभियोग और विभागीय समन्वय की भी समीक्षा की गई।
- बजट व्यय: अगस्त तक 92,316.14 करोड़ रुपये खर्च, पिछले साल से 24.51% अधिक।
- राज निवेश: अगस्त तक 49,442 आवेदन, 190 सेवाएं पोर्टल पर उपलब्ध।
- हरियालो राजस्थान: 10 करोड़ के लक्ष्य में 9.68 करोड़ से अधिक पौधरोपण।
Rajasthan’s Faster Governance Push : राजस्थान सरकार अब स्वीकृत योजनाओं और बजट घोषणाओं को तेजी से जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय में सचिवों की समिति की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और तय समय में पूरा किया जाए।
बैठक में सरकार की प्रमुख योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं, बजट घोषणाओं, ई-फाइल व्यवस्था, जन-अभियोग, राज निवेश, मिशन हरियालो राजस्थान और विभिन्न विभागों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं पर अधिकारियों से रिपोर्ट ली गई।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त तक 92,316.14 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 24.51 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद मुख्य सचिव ने उन योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां बजट खर्च अपेक्षाकृत कम है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं में आने वाली व्यावहारिक अड़चनों को समय रहते दूर किया जाए, ताकि उपलब्ध बजट का पूरा उपयोग हो सके और वित्तीय वर्ष के अंत में बजट लैप्स होने की स्थिति न बने।
वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक की बजट घोषणाओं की समीक्षा में सामने आया कि 1,373 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1,518 पर काम चल रहा है। जिन कार्यों को स्वीकृति मिलने के बाद भी शुरू नहीं किया गया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने के निर्देश दिए गए।
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आम लोगों की शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा। राजस्थान सम्पर्क पर अब तक 60,05,840 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 59,17,908 का निस्तारण हो चुका है।
मुख्य सचिव ने बाकी मामलों को जल्द निपटाने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा कि शिकायतों का समाधान सिर्फ आंकड़े पूरे करने तक सीमित न रहे। उन्होंने प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया।
ई-फाइल और राजकाज प्रणाली की समीक्षा के दौरान भी फाइलों को अनावश्यक स्तरों पर रोकने से बचने की बात कही गई। प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए अनावश्यक स्तर कम करने के निर्देश दिए गए।



