रक्षाबंधन पर दिखा रिश्तों का रंग
रक्षाबंधन पर राजस्थान के शहरों में भाई-बहन के प्रेम की तस्वीरें देखने को मिलीं। जोधपुर में बाजारों से घरों तक उत्सव का माहौल रहा, जबकि उदयपुर में मुफ्त रोडवेज यात्रा के कारण बस स्टैंड पर भीड़ बढ़ी। जेलों में बहनों ने बंदी भाइयों को राखी बांधकर अपराध छोड़ने और नई जिंदगी शुरू करने का संकल्प भी दिलाया और उम्मीद जगाई।
- रक्षाबंधन पर जोधपुर में बाजारों और घरों में छाई रौनक।
- रक्षाबंधन पर मुफ्त रोडवेज यात्रा से उदयपुर बस स्टैंड पर भीड़।
- रक्षाबंधन पर जेलों में बहनों ने भाइयों से नई जिंदगी का वादा लिया।
The colors of relationships shone through on Raksha Bandhan : राजस्थान में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व उत्साह, स्नेह और पारिवारिक भावनाओं के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में बहनों ने पूजा की थाली सजाई और भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद मिठाई खिलाकर सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना की गई। भाइयों ने भी बहनों की रक्षा का संकल्प लेते हुए उन्हें उपहार दिए।
जोधपुर में त्योहार का असर बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। सरदारपुरा बी और सी रोड, घंटाघर, त्रिपोलिया बाजार, आड़ा बाजार, सर्राफा बाजार और पावटा सहित शास्त्रीनगर, रातानाडा, बीजेएस, कुड़ी और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। राखी और मिठाई की दुकानों पर ग्राहक जुटे रहे।
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इस बार बाजारों में पारंपरिक राखियों के साथ कई आकर्षक डिजाइनों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। डिजिटल राखी, पत्थर वाली राखड़ी और बच्चों के लिए मोटू-पतलू, शिवा तथा टॉम एंड जेरी जैसे कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां खास तौर पर पसंद की गईं। बच्चों में इन राखियों को लेकर अलग ही उत्साह देखने को मिला।
उदयपुर में मुफ्त बस यात्रा का असर
रक्षाबंधन पर राजस्थान रोडवेज की मुफ्त यात्रा सुविधा का असर उदयपुर बस स्टैंड पर भी नजर आया। महिलाएं और बालिकाएं बड़ी संख्या में अपने मायके और भाइयों के घर जाने के लिए बसों का इंतजार करती दिखीं। भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए रोडवेज ने जरूरत वाले मार्गों पर अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी की।
27 अगस्त की मध्यरात्रि से 29 अगस्त की रात 12 बजे तक राजस्थान की सीमा में साधारण, एक्सप्रेस और ब्लू लाइन बसों में महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी जा रही है। कई महिलाएं भीड़ से बचने के लिए गुरुवार रात से ही अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गई थीं।
हालांकि लग्जरी और वोल्वो बसों में यह सुविधा लागू नहीं है। इन बसों में महिलाओं को किराए में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं, राजस्थान से बाहर जाने वाले यात्रियों को राज्य की सीमा के बाद का किराया स्वयं देना होगा।
जेल में भावुक हुआ राखी का त्योहार
उदयपुर सेंट्रल जेल में रक्षाबंधन का माहौल भावुक कर देने वाला रहा। दूर-दराज से बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनके अच्छे भविष्य की कामना की।
इस दौरान कई बहनों ने राखी के साथ अपने भाइयों से एक और वादा लिया—जेल से बाहर निकलने के बाद वे गलत रास्ते पर दोबारा नहीं जाएंगे। बहनों ने उनसे अपराध से दूरी बनाकर मेहनत और ईमानदारी के साथ नई जिंदगी शुरू करने की अपील की।
जेल की चारदीवारी के बीच हुए भाई-बहन के इस मिलन में भावनाओं के कई रंग दिखाई दिए। किसी की आंखों में खुशी थी तो किसी की आंखों में चिंता और उम्मीद। राखी का धागा यहां सिर्फ रिश्ते की निशानी नहीं रहा, बल्कि भाइयों के जीवन में बदलाव की उम्मीद का संदेश भी बन गया।
बयाना में भी घर-आंगन से बस स्टैंड तक उत्सव
भरतपुर जिले के बयाना कस्बे और ग्रामीण इलाकों में भी रक्षाबंधन को लेकर खास उत्साह रहा। सुबह से ही बहनों ने भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांधी और मिठाई खिलाई। परिवारों में पूजा-पाठ के बाद उपहारों का सिलसिला भी चला।
वहीं, उप-कारागृह में बंद भाइयों से मिलने पहुंचीं बहनों के भावुक दृश्य ने त्योहार को और संवेदनशील बना दिया। दूसरी ओर महिलाओं के लिए निशुल्क रोडवेज यात्रा के चलते बस स्टैंड पर भी दिनभर यात्रियों की भीड़ बनी रही।
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रक्षाबंधन के साथ सावन पूर्णिमा का भी समापन हुआ। धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महीना माना जाता है। पूरे महीने मंदिरों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना का दौर चला। सावन की पूर्णिमा के साथ अब भाद्रपक्ष के कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो गई है।



