हार के डर से ईवीएम पर ठीकरा फोड़ रही कांग्रेस! मदन राठौड़ का राहुल गांधी पर बड़ा हमला
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी चुनावी हार के बाद ईवीएम, एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठा रही है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय अपनी राजनीतिक स्थिति और संगठन की कमजोरियों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने हालिया निकाय चुनावों का भी उल्लेख किया।
- मदन राठौड़ ने कांग्रेस के सवालों पर पलटवार किया।
- राठौड़ ने संवैधानिक संस्था की भूमिका पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
- निकाय चुनाव के बाद संगठन और विरोध प्रदर्शन को लेकर निशाना साधा।
Madan Rathore’s scathing attack on Rahul Gandhi : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पार्टी के हालिया विरोध प्रदर्शनों और बयानों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस देश की संवैधानिक संस्थाओं, ईवीएम और चुनाव आयोग को बदनाम करने में जुट जाती है। वहीं, स्थानीय निकाय चुनावों में हार के बाद कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी और सिर-फुटव्वल अब सड़कों पर आ गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उनके पास देश के विकास के लिए न तो कोई स्पष्ट नीति है और न ही कोई मजबूत विजन। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर भी भारत की स्वायत्त संस्थाओं और सेना के शौर्य को कटघरे में खड़ा करने का काम किया था। उनका एकमात्र एजेंडा देश की संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना है, लेकिन जागरूक जनता उनके इस दोहरे रवैये और भ्रम पैदा करने वाले षड्यंत्रों को भली-भांति समझ चुकी है।
यह भी पढ़ें ; किसान आईडी में राजस्थान ने बनाया नया रिकॉर्ड
कांग्रेस के हालिया प्रदर्शनों को बिना कार्यकर्ताओं का तमाशा बताते हुए राठौड़ ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि राजधानी में आयोजित प्रदर्शन में नेता तो मंच पर दिखाई दिए, लेकिन मैदान से कार्यकर्ता पूरी तरह गायब रहे। सत्ता से बाहर होने की छटपटाहट में कांग्रेस नेता लगातार कुंठित हो रहे हैं। केवल मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए बिना किसी जनसमर्थन के इस तरह के अनर्गल प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिन्हें जनता सिरे से नकार चुकी है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी की स्थिति ‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’ जैसी हो गई है। जब भी कांग्रेस चुनाव हारती है, तो अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने लगती है। राठौड़ ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस किसी राज्य में जीत दर्ज करती है, तब उसे चुनाव प्रणाली पर कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन हार मिलते ही सारा दोष ईवीएम (EVM), एसआईआर और निर्वाचन आयोग पर मढ़ दिया जाता है।
यह भी पढ़ें ; राजस्थान में हर 10 KM पर मिलेगी हेल्थ क्लिनिक, 600 नए सब-सेंटर और भर्ती का मास्टर प्लान
इसके अलावा मदन राठौड़ ने दावा किया कि निकाय चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह अंदरूनी बिखराव का शिकार हो चुकी है। वरिष्ठ नेताओं से लेकर जिलाध्यक्षों तक की आपसी रार अब खुलकर सामने आ रही है। गहलोत और डोटासरा गुट के बीच जारी खींचतान के साथ-साथ जिलाध्यक्ष अपने ही विधायकों के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, जिससे पार्टी का अंदरूनी कलह अब सड़कों पर आ गया है।



