जयपुर में आयोजित हुआ पहला इंडियन रिट्स एसोसिएशन का रिट जागरूकता कार्यक्रम
इंडियन रिट्स एसोसिएशन ने जयपुर में पहला REIT जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में निवेशकों को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट की कार्यप्रणाली, संभावित आय और निवेश में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि REIT के जरिए निवेशक व्यावसायिक रियल एस्टेट में भागीदारी कर सकते हैं और नियमित वितरण के साथ मूल्य वृद्धि की संभावना को समझ सकते हैं।
- REIT जागरूकता : जयपुर में पहली बार हुआ विशेष कार्यक्रम
- इंडियन रिट्स एसोसिएशन : निवेशकों को दी REIT की जानकारी
- निवेश विकल्प : नियमित आय और रियल एस्टेट में भागीदारी पर चर्चा
REIT Awareness Program Held in Jaipur : जयपुर में इंडियन रिट्स एसोसिएशन (IRA) की ओर से पहला रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य फोकस निवेशकों को REIT की संरचना, कामकाज और निवेश विकल्प के रूप में इसकी भूमिका के बारे में आसान तरीके से जानकारी देना रहा।
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कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि REIT मुख्य रूप से ऑफिस बिल्डिंग, शॉपिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक रियल एस्टेट संपत्तियों में निवेश करते हैं। इन संपत्तियों से मिलने वाली किराये की आय का एक हिस्सा निवेशकों तक पहुंचता है। REIT की यूनिट्स शेयरों की तरह शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती हैं, जिससे निवेशक इन्हें खरीद और बेच सकते हैं।
भारत में छह REIT शेयर बाजार में सूचीबद्ध
कार्यक्रम में बताया गया कि भारत में पहला REIT वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। इसके बाद इस क्षेत्र का दायरा बढ़ा है और फिलहाल छह REIT शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें Brookfield India Real Estate Trust, Embassy Office Parks REIT, Knowledge Realty Trust, Mindspace Business Parks REIT, Nexus Select Trust और Brookfield-backed?
कार्यक्रम में Mindspace REIT के फंडिंग एवं विलय-अधिग्रहण विभाग के प्रमुख केदार कुलकर्णी ने REIT की संरचना और निवेश प्रक्रिया पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि REIT नियामकीय निगरानी में काम करने वाला निवेश उत्पाद है और इसके तहत व्यावसायिक संपत्तियों से होने वाली आय निवेशकों तक पहुंचाई जाती है।
SEBI नियमों के तहत 90% वितरण
केदार कुलकर्णी के अनुसार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के तहत सूचीबद्ध REIT को वितरण योग्य शुद्ध नकद आय का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा यूनिटधारकों को देना होता है। यह भुगतान साल में कम से कम दो बार किया जाना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि भारत में सूचीबद्ध सभी छह REIT फिलहाल निवेशकों को तिमाही आधार पर भुगतान कर रहे हैं। इससे REIT को नियमित आय की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए समझने योग्य विकल्प के रूप में देखा जाता है, हालांकि किसी भी निवेश में जोखिम और रिटर्न की संभावनाओं को अलग-अलग समझना जरूरी है।
निवेश में विविधता पर जोर
Knowledge Realty Trust के मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) और इंडियन रिट्स एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्य नीरज तोषनीवाल ने कहा कि अलग-अलग निवेश साधनों के उद्देश्य और विशेषताएं अलग होती हैं। उनके मुताबिक, फिक्स्ड डिपॉजिट स्थिरता से जुड़ा विकल्प है, जबकि शेयरों में लंबी अवधि में पूंजी बढ़ने की संभावना रहती है।
उन्होंने कहा कि REIT नियमित वितरण के जरिए आय की संभावना के साथ निवेश की गई राशि के मूल्य में वृद्धि की संभावना भी प्रदान करता है। ऐसे में निवेशक अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए इसके बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
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नीरज तोषनीवाल ने जयपुर को वित्तीय निवेश के लिहाज से सक्रिय बाजार बताते हुए कहा कि यहां निवेश को लेकर जागरूकता रखने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों से निवेशकों को REIT को समझने और इसकी विशेषताओं के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।
इंडियन रिट्स एसोसिएशन एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन है, जो भारत में REIT क्षेत्र के विकास और विस्तार से जुड़े विषयों पर काम करता है। संगठन का उद्देश्य REIT के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इस क्षेत्र को समझने में निवेशकों की मदद करना है।



