स्वास्थ्य भवन में लगी पेंशन अदालत : मुख्य सचिव ने बांटे PPO, बड़े अस्पतालों में पेंशनर्स के लिए बनेंगे अलग OPD काउंटर
जयपुर के स्वास्थ्य भवन में आयोजित पेंशन अदालत में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 13 पेंशनर्स को पेंशन भुगतान आदेश सौंपे। विभाग में लंबित 486 मामलों में से 356 का निस्तारण किया जा चुका है। पेंशनर्स की सुविधा के लिए जिलों में भी अदालतें लगाने, डिजिटल पीपीओ जारी करने और बड़े अस्पतालों में अलग ओपीडी काउंटर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
- स्वास्थ्य भवन में आयोजित पेंशन अदालत में मुख्य सचिव ने 13 पेंशनर्स को दिए पीपीओ आदेश।
- बड़े अस्पतालों में पेंशनर्स के लिए बनेंगे अलग ओपीडी काउंटर, पंजीकरण में मिलेगी बड़ी राहत।
- स्वास्थ्य विभाग ने 356 पेंडिंग पेंशन प्रकरणों का किया त्वरित निस्तारण, मुख्य सचिव ने की तारीफ।
Pension Adalat held at Swasthya Bhawan : स्वास्थ्य भवन में बुधवार को आयोजित पेंशन अदालत में पेंशनर्स से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर फोकस रहा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 13 पेंशनर्स को पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) सौंपे। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालयों में मौजूद पेंशनर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद भी किया गया।

पेंशनर्स ने इस दौरान अपनी समस्याएं और सुझाव मुख्य सचिव के सामने रखे। वी. श्रीनिवास ने कहा कि पेंशनर्स से जुड़े मामलों का समय पर समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिलों में भी पेंशन अदालत आयोजित करने की बात कही, ताकि स्थानीय स्तर पर पेंशन संबंधी मामलों का तेजी से निस्तारण हो सके।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में लंबित पेंशन प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जुलाई से अब तक विभाग में 486 पेंशन प्रकरण लंबित थे, जिनमें से 356 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। मुख्य सचिव ने शेष मामलों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
बड़े अस्पतालों में अलग ओपीडी काउंटर
पेंशनर्स की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी पेंशन अदालत में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि आरजीएचएस योजना के तहत जिन बड़े अस्पतालों में ओपीडी में ज्यादा भीड़ रहती है, वहां पेंशनर्स के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था की जाए।
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अलग काउंटर होने से बुजुर्ग पेंशनर्स को पंजीकरण और इलाज से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे अस्पतालों में उनकी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल पीपीओ पर भी जोर
वी. श्रीनिवास ने कहा कि पेंशन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए डिजिटल पीपीओ जारी करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से पेंशनर्स को दस्तावेज और प्रक्रिया से जुड़ी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण की सराहना करते हुए शेष मामलों पर भी तेजी से कार्रवाई करने को कहा।
पेंशनर्स के अनुभव का भी मिलेगा लाभ
मुख्य सचिव ने सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के लंबे प्रशासनिक अनुभव को उपयोगी बताते हुए पेंशनर्स एसोसिएशन बनाने का सुझाव दिया। इसके अलावा वर्तमान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभव साझा करने के लिए एक्सपीरियंस सेशन आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
इस पहल का उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अनुभवों को नई पीढ़ी के अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाना है, ताकि प्रशासनिक कामकाज में उनके अनुभवों का लाभ लिया जा सके।
पेंशन अदालत में मौजूद पेंशनर्स ने राज्य सरकार के ऑनलाइन और पारदर्शी पेंशन पोर्टल की सराहना की। उन्होंने आरजीएचएस के जरिए मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी संतोष जताया।
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प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि विभाग में पेंशन अदालत की पहल शुरू की गई है और पेंशनर्स के मामलों पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने भी जुलाई से अब तक 486 में से 356 पेंशन प्रकरणों के निस्तारण की जानकारी दी और शेष मामलों को जल्द पूरा करने की बात कही।
पेंशन अदालत में शासन सचिव कार्मिक अर्चना सिंह, शासन सचिव वित्त (व्यय) शिवांगी स्वर्णकार, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, पेंशन निदेशक महेंद्र सिंह भूकर, निदेशक अराजपत्रित राकेश शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और पेंशनर्स मौजूद रहे।



