RGHS में गड़बड़ी पर अस्पताल पर गिरी गाज
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी RGHS में संदिग्ध दावों की जांच के बाद सीकर के एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को निलंबित किया गया है। आरोपित मामले में अस्पताल छोड़ चुकी चिकित्सक के नाम से 315 उपचार विवरण पेश किए गए। नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद विभाग ने कार्रवाई की और विस्तृत जांच अभी जारी है।
- RGHS में गड़बड़ी के मामले में सीकर का अस्पताल निलंबित।
- संदिग्ध दावों की जांच में 315 उपचार विवरण सामने आए।
- RGHS कार्रवाई के तहत नोटिस का जवाब नहीं देने पर अस्पताल पर फैसला।
Hospital faces action over irregularities in RGHS : राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में संदिग्ध दावों को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सीकर स्थित एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को RGHS से निलंबित कर दिया गया है। विभाग की ओर से मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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मामला उस समय सामने आया, जब योजना के तहत दावों और दस्तावेजों की निगरानी के दौरान कुछ रिकॉर्ड संदिग्ध नजर आए। RGHS परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल की टीम ने इन दावों की जांच शुरू की। इसके बाद रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया और संबंधित अस्पताल से स्पष्टीकरण मांगा गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अस्पताल में कार्यरत डॉ. अलका आर्य, बीडीएस (पंजीयन संख्या 12152), ने 20 अप्रैल 2026 को अस्पताल से इस्तीफा दे दिया था। जून 2026 से वह दूसरी संस्था में चिकित्सा सलाहकार के रूप में काम कर रही थीं। इसके बावजूद 17 जून, 21 जून और उसके बाद की कुछ तारीखों के उपचार विवरण में उन्हें अस्पताल की ओर से उपचाररत चिकित्सक के तौर पर दर्शाया गया।
जांच में उनके नाम से कुल 315 उपचार विवरण प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई। इनमें 227 बाहरी रोगी और 88 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरण शामिल हैं। 88 भर्ती रोगी एवं डे-केयर मामलों की कुल दावा राशि 99,327 रुपये बताई गई है, जबकि सभी 315 उपचार विवरणों की कुल दावा राशि 1,42,489 रुपये है।
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जांच के दौरान 47 भर्ती रोगी एवं डे-केयर उपचार विवरणों को निरस्त किया जा चुका है। इन मामलों से संबंधित दावा राशि 43,007 रुपये थी। वहीं, 41 अन्य मामलों की दावा राशि 56,320 रुपये है और इनसे जुड़े तथ्यों की अभी जांच की जा रही है।
मामले में RGHS प्रशासन ने अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने के बाद विभाग ने एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को योजना से निलंबित करने का निर्णय लिया।
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि RGHS में अनियमित दावों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। योजना का पैसा पारदर्शी तरीके से और तय नियमों के अनुसार खर्च हो, यह विभाग की प्राथमिकता है। चिकित्सक के नाम, मुहर, हस्ताक्षर या डिजिटल पहचान के संभावित गलत इस्तेमाल की भी गंभीरता से जांच की जाएगी।
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वहीं, RGHS की निगरानी व्यवस्था में एआई आधारित तकनीक और डेटा विश्लेषण का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए दावों में असामान्य पैटर्न और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जाती है। विभाग का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



