RIICO के लीज नियम बदले, 33 साल बाद देना होगा 10% प्रीमियम
रीको ने अविकसित और अर्द्ध-विकसित औद्योगिक भूखंडों की लीज नवीनीकरण व्यवस्था में बदलाव किया है। अब शुरुआती 33 साल की लीज पूरी होने के बाद दोनों 33 वर्षीय नवीनीकरण अवधियों पर संबंधित क्षेत्र की प्रचलित आवंटन दर का 10 प्रतिशत भूमि प्रीमियम देना होगा। साथ ही जयपुर समेत सात क्षेत्रों में भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया जारी है, नियमों के तहत।
- रीको ने लीज नवीनीकरण नियमों में संशोधन कर भूमि प्रीमियम दर को किया स्पष्ट।
- 33 वर्ष की लीज अवधि पूर्ण होने पर नवीनीकरण के समय प्रचलित आवंटन दर का 10% प्रीमियम देय।
- जयपुर, भिवाड़ी और दौसा सहित 7 जिलों में अविकसित भूखण्डों के लिए ई-ऑक्शन शुरू, 25 सितंबर तक जमा होगी ईएमडी।
Major changes to RIICO plot lease renewal rules : राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने अविकसित और अर्द्ध-विकसित भूखंडों की लीज नवीनीकरण व्यवस्था को लेकर नियमों में आंशिक बदलाव किया है। नए प्रावधान के बाद 33 वर्ष की शुरुआती लीज अवधि पूरी होने पर आगे के नवीनीकरण के लिए देय भूमि प्रीमियम को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
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संशोधित व्यवस्था के अनुसार शुरुआती 33 वर्ष की लीज खत्म होने के बाद पहली और दूसरी, दोनों 33 वर्षीय नवीनीकरण अवधियों के लिए संबंधित औद्योगिक क्षेत्र में उस समय लागू आवंटन दर का 10 प्रतिशत भूमि प्रीमियम देना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य नवीनीकरण से जुड़े शुल्क को लेकर स्पष्ट व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
रीको की नीति में अविकसित एवं अर्द्ध-विकसित भूखंडों के लिए शुरुआती 33 वर्ष की लीज के बाद दो और 33-33 वर्ष की अवधियों में नवीनीकरण का प्रावधान पहले से मौजूद है। हालांकि, इन दोनों नवीनीकरण अवधियों के दौरान शुल्क या प्रीमियम कितना होगा, इसे लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं था। अब नियम 3(एके) में आंशिक संशोधन के जरिए यह स्थिति स्पष्ट की गई है।
नवीनीकरण का लाभ लेने के लिए आवंटियों को निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। इनमें नवीनीकरण के समय किसी तरह का बकाया नहीं होना, लीज की शर्तों का उल्लंघन नहीं करना और मूल आवंटन शर्तों के अनुसार परियोजना या गतिविधि को तय समय में शुरू कर पूरा करना शामिल है। इसके अलावा भूखंड का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप ही करना होगा।
इसी बीच रीको की ओर से कई औद्योगिक क्षेत्रों में अविकसित और अर्द्ध-विकसित भूखंडों का ई-ऑक्शन भी कराया जा रहा है। जयपुर, भिवाड़ी, दौसा, कोटा, बीकानेर, राजसमंद और उदयपुर में विभिन्न श्रेणियों के उपयोग के लिए भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। इच्छुक आवेदकों को 25 सितंबर 2026 तक ईएमडी जमा कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
ई-ऑक्शन के तहत भिवाड़ी के राबड़का, बीकानेर के जोड़बीड़, दौसा के जयरामपुरा और इंडस्ट्रियल एंड लॉजिस्टिक हब दौसा-बांदीकुई के अलावा जयपुर के दौलतपुरा, कोटा के कसार, राजसमंद के तनाजा का बांसा तथा उदयपुर के माल की टूस और पीपाड़ में स्थित भूखंड शामिल हैं।
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इन भूखंडों के लिए ऑनलाइन बिडिंग की प्रक्रिया 28 से 30 सितंबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। रीको के अनुसार नवीनीकरण प्रीमियम को लेकर नया प्रावधान लंबे समय के लिए भूखंडों के उपयोग की व्यवस्था को अधिक स्पष्ट करने के साथ आवंटियों के लिए शुल्क संबंधी स्थिति भी पारदर्शी बनाएगा।



