रीको की बड़ी पहल, 2800 करोड़ की मंजूरियां जारी
राजस्थान में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए रीको ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही पूरी होने से पहले 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की 250 से ज्यादा वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की हैं। साथ ही 15 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है, जिससे निवेश, रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- रीको ने 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृतियां जारी कीं।
- 15 नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को मिली 1,100 करोड़ से ज्यादा की मंजूरी।
- रीको की पहल से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद।
Major initiative by RIICO : Approvals worth 2,800 crore issued : राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने के लिए रीको लगातार आधारभूत ढांचे को मजबूत करने में जुटा है। इसी दिशा में वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही पूरी होने से पहले ही निगम ने 2,800 करोड़ रुपये से अधिक की 250 से ज्यादा वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी कर दी हैं।
इन मंजूरियों के साथ प्रदेश के अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी गति दी जा रही है। रीको ने अब तक 1,460 कार्यादेश जारी किए हैं, जिनकी कुल लागत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक है। इन कार्यों में सड़क निर्माण और सुधार, विद्युत व्यवस्था, जल निकासी तथा अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास शामिल है।
15 नए औद्योगिक क्षेत्रों को मिली मंजूरी
औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए रीको ने 15 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना और विकास के लिए 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की हैं। इन क्षेत्रों के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर कारोबार और निवेश के नए अवसर तैयार होने की उम्मीद है।
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स्वीकृति प्राप्त प्रमुख क्षेत्रों में अजमेर का स्टोन मंडी, बडनूर, कोटा का औद्योगिक क्षेत्र देरोली, भीलवाड़ा का औद्योगिक क्षेत्र सांकरिया, जयपुर जिले की फागी तहसील का देवनगर, दौसा का स्टोन मंडी, मंडौर का हाजी सागर और कोटा जिले की रामगंजमंडी तहसील का राजूखेड़ा शामिल हैं।
बिजली, सड़क और जल निकासी पर फोकस
रीको की ओर से औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उद्योगों तक निर्बाध बिजली पहुंचाने के साथ सड़कों की स्थिति सुधारने और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम किए जा रहे हैं।
1,460 कार्यादेशों के जरिए शुरू होने वाले ये विकास कार्य औद्योगिक क्षेत्रों की मौजूदा सुविधाओं को मजबूत करने के साथ नए निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में मदद करेंगे। इससे उद्यमियों को आधारभूत सुविधाएं मिलने के साथ औद्योगिक इकाइयों के संचालन में भी सहूलियत होने की उम्मीद है।
निवेश और रोजगार को मिल सकता है बढ़ावा
रीको की ओर से नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और मौजूदा क्षेत्रों के उन्नयन को प्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए अहम कदम माना जा रहा है। नए क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के आने से निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
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सरकार और रीको की इन कोशिशों का उद्देश्य प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर आधारभूत ढांचा तैयार करना है, ताकि राजस्थान में औद्योगिक विस्तार को और मजबूती मिल सके।



