राजस्थान में उद्योग लगाना हुआ बेहद आसान, रीको का बड़ा फैसला

राजस्थान में निवेश को बढ़ावा देने के लिए रीको ने फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट मॉडल का दायरा बढ़ाया है। अब टेक्सटाइल, अपैरल, हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वूल प्रोसेसिंग, सेरेमिक्स, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, पेट्रोकेमिकल और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों को जमीन की कीमत चुकाने के लिए 10 साल की किश्त सुविधा मिलेगी। इससे निवेशकों को राहत और राज्य में उद्योग, रोजगार तथा नई परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

  • रीको फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट मॉडल का दायरा बढ़ा, कई नए इंडस्ट्रियल सेक्टर शामिल।
  • टेक्सटाइल एवं डेटा सेंटर समेत प्रमुख उद्योगों को जमीन भुगतान के लिए मिलेगी 10 साल की किश्त।
  • राजस्थान में औद्योगिक निवेश को पंख देने और नए रोजगार पैदा करने के लिए राज्य सरकार का बड़ा कदम।

Setting up an industry in Rajasthan has become extremely easy : राजस्थान में औद्योगिक निवेश को रफ्तार देने के लिए रीको ने फ्लेक्सिबल लैंड पेमेंट मॉडल का दायरा बढ़ा दिया है। अब कई नए और तेजी से उभरते क्षेत्रों में काम करने वाले निवेशकों को औद्योगिक भूखंड की राशि एक साथ जमा करने के बजाय तय अवधि में किश्तों के जरिए भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। इस फैसले से निवेशकों के लिए शुरुआती वित्तीय दबाव कम होने की उम्मीद है।

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नए प्रावधान में टेक्सटाइल एवं अपैरल, हस्तशिल्प, एग्रो एवं मिल्क प्रोसेसिंग, फूड प्रोसेसिंग, वूल प्रोसेसिंग, सेरेमिक्स एवं ग्लास, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग, पेट्रोकेमिकल उत्पाद और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्र शामिल किए गए हैं।

मॉडल के तहत आवंटित जमीन के प्रीमियम की 10 प्रतिशत राशि लेटर ऑफ ऑफर जारी होने के 30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। इसमें आवेदन के समय जमा की गई 5 प्रतिशत ईएमडी राशि को समायोजित किया जाएगा। इसके बाद बची हुई 90 प्रतिशत राशि को 10 वर्षों में वार्षिक किश्तों के माध्यम से चुकाया जा सकेगा। इस राशि पर 8.5 प्रतिशत सालाना ब्याज लागू होगा।

रीको पहले से ही लॉजिस्टिक्स, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF), सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस एंड डिफेंस तथा वेस्ट प्रोसेसिंग एवं रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों के लिए इस भुगतान मॉडल की सुविधा दे रहा था। अब नए सेक्टर जोड़कर इसका दायरा और व्यापक किया गया है।

राज्य सरकार ने अलग-अलग उभरते क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी-2025, राजस्थान लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025, राजस्थान ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर पॉलिसी-2025, राजस्थान व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी-2025 और राजस्थान एयरोस्पेस एवं डिफेंस पॉलिसी-2026 जैसी नीतियां लागू की हैं।

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रीको के इस विस्तार का मकसद इन नीतियों के तहत निवेशकों को बेहतर सुविधा देना और राजस्थान में नई औद्योगिक परियोजनाओं के लिए माहौल तैयार करना है। खास तौर पर टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। सरकार को उम्मीद है कि यह पहल राजस्थान की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी।

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