रीको की जमीन की ई-नीलामी, आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक
राजस्थान में निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए रीको ने 24 अविकसित एवं अर्धविकसित भूखण्ड ई-नीलामी के लिए उपलब्ध कराए हैं। इच्छुक निवेशक 31 अगस्त 2026 तक आवेदन और ईएमडी जमा कर सकेंगे। ऑनलाइन बोली 1 से 3 सितंबर तक होगी। भूखण्ड उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन परियोजनाओं के लिए विभिन्न क्षेत्रों में रखे गए हैं। इससे अवसर मिलेंगे।
- रीको ई-नीलामी में 24 भूखण्ड उपलब्ध कराए गए हैं।
- ई-नीलामी के लिए आवेदन और ईएमडी 31 अगस्त तक जमा होगी।
- रीको की जमीन पर 1 से 3 सितंबर तक ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी।
RIICO land e-auction : Deadline for applications approaching : राजस्थान में उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की तैयारी कर रहे लोगों के लिए रीको ने जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। अविकसित और अर्धविकसित भूमि के कुल 24 भूखण्ड सरल ऑनलाइन ई-नीलामी के जरिए आवंटित किए जाएंगे। इच्छुक निवेशकों के पास आवेदन करने के लिए 31 अगस्त 2026 तक का समय है।
रीको के अनुसार, इन भूखण्डों के लिए ऑनलाइन बिडिंग 1 सितंबर से शुरू होकर 3 सितंबर 2026 तक चलेगी। आवेदन के साथ निर्धारित ईएमडी जमा करना भी जरूरी होगा। ऐसे में निवेशकों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
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पर्यटन क्षेत्र के लिए उदयपुर के माल की टूस में दो और जयपुर के दौलतपुरा में सात भूखण्ड रखे गए हैं। इन जमीनों से पर्यटन आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा मिलने और संबंधित क्षेत्रों में निजी निवेश बढ़ने की उम्मीद है।
लॉजिस्टिक्स कारोबार के लिए बीकानेर के जोड़बीड़ में तीन भूखण्ड ई-नीलामी में शामिल किए गए हैं। वहीं औद्योगिक गतिविधियों के लिए दौसा के बांदीकुई (साउथ वेस्ट जोन) में चार, आईजीपी जयरामपुरा में एक और राजसमंद के तनाजा का बांसा में दो भूखण्ड उपलब्ध हैं।
इसके अलावा भिवाड़ी के राबड़का में एक, कोटा के एरोसिटी और कसार में एक-एक तथा उदयपुर के पीपाड़ में दो भूखण्ड औद्योगिक इकाइयों के लिए रखे गए हैं। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों में निवेशकों को उनकी जरूरत के अनुसार विकल्प मिलेंगे।
रीको की ओर से जमीन का प्रारंभिक आवंटन 33 वर्ष की अवधि के लिए किया जाएगा। लीज अवधि को आगे दो बार 33-33 वर्ष के लिए बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है। भुगतान को लेकर भी निवेशकों को सुविधा दी गई है। भूखण्ड की कीमत का 25 प्रतिशत भुगतान करने के बाद बाकी 75 प्रतिशत राशि किस्तों में जमा की जा सकेगी।
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रीको की इस पहल का मकसद केवल जमीन आवंटित करना नहीं, बल्कि प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत करना भी है। औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और पर्यटन परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध होने से नए उद्यमियों को कारोबार शुरू करने का मौका मिल सकता है। ई-नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों में नई गतिविधियां दिखाई देने की उम्मीद है।



