इलेक्ट्रोपैथी में डेटा पर संगोष्ठी
जयपुर में ‘इलेक्ट्रोपैथी अनुसंधान में डेटा का महत्व एवं भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित हुई। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों को याद करते हुए शोध में डेटा की उपयोगिता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, सादगी और नैतिकता के संदेशों के साथ इलेक्ट्रोपैथी के शोध संबंधी पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
- इलेक्ट्रोपैथी अनुसंधान: संगोष्ठी में शोध के लिए डेटा की भूमिका पर चर्चा हुई।
- गांधी-शास्त्री: राज्यपाल ने दोनों नेताओं के सत्य, अहिंसा और सादगी के संदेश याद किए।
- चित्र प्रदर्शनी: राज्यपाल ने गांधी और शास्त्री के जीवन प्रसंगों पर आधारित प्रदर्शनी देखी।
Seminar Highlights Data in Electropathy Research : महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर जयपुर स्थित महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में ‘इलेक्ट्रोपैथी अनुसंधान में डेटा का महत्व एवं भूमिका’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया।

राज्यपाल ने कहा कि गांधीजी सत्य को सर्वोच्च मानते थे और सत्याग्रह के माध्यम से अन्याय का अहिंसक तरीके से विरोध करने का संदेश दिया। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण और राष्ट्रसमर्पित जीवन को भी याद करते हुए कहा कि दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा ली जानी चाहिए।
उन्होंने इलेक्ट्रोपैथी को पौधों के अर्क पर आधारित चिकित्सा पद्धति के रूप में बताते हुए आयुर्वेद को सभी चिकित्सा पद्धतियों की जननी बताया। राज्यपाल ने भारतीय चिकित्सा ज्ञान की ऐतिहासिक परंपरा का उल्लेख करते हुए नालंदा के पुस्तकालय से जुड़ी ऐतिहासिक घटना का भी जिक्र किया।
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शास्त्री के जीवन का प्रसंग साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि वे घर के खर्च के लिए अपनी पत्नी को सीमित राशि देते थे। एक अवसर पर उनकी पत्नी ने अपनी बचत से जरूरत पूरी की। बाद में शास्त्री ने उस बचत की राशि को भी अपने वेतन से लौटाने का निर्णय लिया। राज्यपाल ने इसे उनके ईमानदार और अनुशासित जीवन का उदाहरण बताया।
हरिजन सेवक संघ, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव संजय राय ने गांधी के विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्य की समझ समय और परिस्थितियों के साथ विकसित होती रहती है। उन्होंने गांधीजी के विचारों को बदलते सामाजिक संदर्भों में समझने की जरूरत बताई।
विधायक गोपाल शर्मा ने गांधी और शास्त्री के जीवन मूल्यों को अनुकरणीय बताते हुए सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, ईमानदारी और नैतिकता को भारतीय जीवन परंपरा के महत्वपूर्ण संदेश बताया।
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कार्यक्रम की शुरुआत में हेमंत सेठिया ने इलेक्ट्रोपैथी से जुड़े विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि इस चिकित्सा पद्धति को गांधी और शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ाया गया और वर्ष 2018 में इसे सरकारी मान्यता मिलने की बात कही। उन्होंने शोध एवं इसके उपयोग को व्यापक बनाने के लिए डेटा के महत्व पर संगोष्ठी आयोजित करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।



