फ्रांस पहुंचे शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर, ल्यूमिएर समिट में भारत की आवाज
प्रख्यात फिल्मकार और फिल्म आर्काइविस्ट शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर फ्रांस में आयोजित ल्यूमिएर समिट में शामिल होने पहुंचे हैं। उन्हें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर सम्मेलन में बुलाया गया है। वैश्विक सिनेमा के इस मंच पर एआई, ओटीटी, रचनात्मक स्वतंत्रता, फिल्म संरक्षण और भविष्य की तकनीक जैसे अहम विषयों पर दुनिया भर के विशेषज्ञ विचार साझा करेंगे।
- शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर फ्रांस पहुंचे।
- ल्यूमिएर समिट में वैश्विक सिनेमा के भविष्य पर चर्चा होगी।
- फिल्म संरक्षण और एआई के प्रभाव जैसे मुद्दे सम्मेलन के केंद्र में रहेंगे।
Shivendra Singh Dungarpur has arrived in France : भारतीय सिनेमा की पुरानी और दुर्लभ विरासत को संरक्षित करने के लिए लंबे समय से काम कर रहे प्रख्यात फिल्मकार एवं फिल्म आर्काइविस्ट शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर फ्रांस पहुंच गए हैं। वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के विशेष निमंत्रण पर प्रतिष्ठित ल्यूमिएर समिट में हिस्सा ले रहे हैं।
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फ्रांस के सेंट-पॉल-डी-वांस स्थित प्रसिद्ध फोंडेशन मैग्ट में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग देशों से फिल्म जगत से जुड़े प्रतिनिधि जुट रहे हैं। सम्मेलन की सह-अध्यक्षता फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यांग कर रहे हैं।
ल्यूमिएर समिट का फोकस केवल फिल्मों के निर्माण तक सीमित नहीं है। यहां ‘मूविंग इमेज’ के बदलते स्वरूप और आने वाले वर्षों में वैश्विक सिनेमा की दिशा पर चर्चा हो रही है। 55 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी वाले इस सम्मेलन में फिल्मकारों, नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और प्रमुख फिल्म संस्थानों को एक साझा मंच मिला है।
इस समय फिल्म उद्योग तेजी से बदल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने फिल्म निर्माण और दर्शकों तक पहुंचने के तरीके को नई दिशा दी है। ऐसे में सम्मेलन में एआई के बढ़ते प्रभाव, रचनात्मक स्वतंत्रता, फिल्म निर्माण के नए वित्तीय मॉडल, दर्शकों की पहुंच और सिनेमाई विरासत को सुरक्षित रखने जैसे मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।
शिवेन्द्र सिंह डूंगरपुर की इस सम्मेलन में भागीदारी राजस्थान और भारत के लिए खास महत्व रखती है। दक्षिणी राजस्थान के डूंगरपुर राजघराने से जुड़े शिवेन्द्र सिंह ने फिल्म संरक्षण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। वे गैर-लाभकारी संस्था फिल्म हेरिटेज फाउंडेशन के संस्थापक निदेशक हैं और वर्षों से भारत की दुर्लभ एवं पुरानी फिल्मों को संरक्षित और पुनर्स्थापित करने के काम में जुटे हैं।
उनके प्रयासों के जरिए भारतीय सिनेमा की कई महत्वपूर्ण क्लासिक फिल्मों को संरक्षण मिला है। फिल्म विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के इस काम ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय फिल्म जगत में भी पहचान दिलाई है।
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ल्यूमिएर समिट में उनकी मौजूदगी भारत की सिनेमाई विरासत को वैश्विक विमर्श से जोड़ने का अवसर भी है। तेजी से बदलती तकनीक के बीच पुरानी फिल्मों और फिल्म संस्कृति को सुरक्षित रखने की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में संरक्षण के क्षेत्र में भारत के अनुभव और दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामने रखना इस भागीदारी को और अहम बनाता है।



