सुर संगम में युवा सुरों की शानदार शुरुआत
जयपुर में सुर संगम के 37वें राष्ट्रीय युवा संगीत समारोह का आगाज हुआ। दो दिवसीय आयोजन में 10 राज्यों की 70 से अधिक युवा प्रतिभाएं हिस्सा ले रही हैं। पहले दिन शास्त्रीय और सुगम संगीत की प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने गायन का हुनर दिखाया। समापन समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगे।
- सुर संगम: जयपुर में 37वें राष्ट्रीय युवा संगीत समारोह की शुरुआत हुई।
- युवा संगीत प्रतिभाएं: 10 राज्यों की 70 से अधिक प्रतिभाएं प्रतियोगिता में शामिल हुईं।
- संगीत समारोह: शास्त्रीय गायन के साथ दादरा, कजरी, गजल और लोक संगीत की प्रस्तुतियों ने समां बांधा।
Sur Sangam Youth Music Festival Begins in Jaipur : सुर संगम संस्थान का 37वां राष्ट्रीय युवा संगीत समारोह एवं प्रतिभा चयन प्रतियोगिता गुरुवार को जयपुर के होटल बीलवा पैलेस में शुरू हुआ। दो दिवसीय इस आयोजन में देश के 10 राज्यों से आई 70 से अधिक चयनित युवा प्रतिभाएं अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।

कार्यक्रम का उद्घाटन बॉलीवुड की प्रसिद्ध गजल गायिका पद्मश्री पीनाज मसानी, प्रदेश की पहली ध्रुपद गायिका प्रो. डॉ. मधु भट्ट तैलंग, संगीतकार एवं वायलिन वादक दीपक पंडित सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। समारोह का संचालन शिक्षाविद आर.डी. अग्रवाल ने किया।
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पहले दिन शास्त्रीय गायन के जूनियर और सीनियर वर्ग की प्रतियोगिताओं में करीब 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जयपुर, वाराणसी, बीकानेर, दिल्ली, गाजियाबाद, अहमदाबाद, ग्वालियर, इंदौर, मैहर, भटिंडा और सरदारशहर से पहुंचे युवा गायकों ने राग यमन, भीमपलासी, मियां की तोड़ी, मालकोंस और पूर्वी जैसे रागों की प्रस्तुतियां दीं।
सात मिनट की निर्धारित समय सीमा में प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। निर्णायकों ने केवल तैयार प्रस्तुति तक सीमित न रहते हुए कई प्रतिभागियों से राग के अलग-अलग पक्ष और स्वर विन्यास भी प्रस्तुत करने को कहा। इससे उनकी स्वर शुद्धता, रागदारी, लयबोध और संगीत की समझ को परखा गया।
प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक ग्रैमी अवार्ड विजेता पद्मभूषण पंडित विश्व मोहन भट्ट और संगीतकार समीर सेन ने भी युवा कलाकारों की प्रस्तुतियां सुनीं और उनका उत्साह बढ़ाया। निर्णायक प्रो. डॉ. मधु भट्ट तैलंग ने प्रतिभागियों की संगीत साधना और तैयारी को बारीकी से परखा।
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दोपहर बाद सुगम संगीत के जूनियर और सीनियर वर्ग में भी देश के विभिन्न शहरों से आए 35 युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया। गीत, गजल और भजनों की प्रस्तुतियों से आयोजन स्थल का माहौल संगीत से सराबोर हो गया।
इस मौके पर मुंबई के प्रसिद्ध गजल गायक और सुर संगम के पूर्व ‘सुरश्री’ विजेता मोहम्मद वकील का सम्मान भी किया गया। सुर संगम के राष्ट्रीय महासचिव मुकेश अग्रवाल ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
शाम को आयोजित संगीत संध्या में शास्त्रीय प्रस्तुतियों के बाद दादरा, कजरी, गजल, लोक और लोकप्रिय गीतों के अलग-अलग रंग देखने को मिले। असम की तनुश्री ने दादरा और कजरी की प्रस्तुति दी, जबकि बनारस की डालिया मुखर्जी और श्वेता ने उपशास्त्रीय एवं गजल गायकी के जरिए श्रोताओं की सराहना बटोरी।
इलाहाबाद के सुधेन्दु कुमार ने दादरा के साथ लोक प्रस्तुति ‘बिरहिया’ पेश की। उनकी प्रस्तुति में लोक संगीत की भावनात्मक अभिव्यक्ति देखने को मिली।



