TAVI और Leadless Pacemaker से आसान हुआ दिल का इलाज
जयपुर के नारायणा हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में TAVI और Leadless Pacemaker जैसी आधुनिक कार्डियक तकनीकों की जानकारी साझा की गई। डॉक्टरों ने बताया कि कम इनवेसिव प्रक्रियाएं चुनिंदा मरीजों के लिए उपचार को आसान बना सकती हैं। सफल इलाज करा चुके मरीजों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने मरीज की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार उपचार योजना बनाने पर जोर दिया।
- TAVI से चुनिंदा हृदय मरीजों के इलाज में नई सुविधा।
- Leadless Pacemaker तकनीक से बिना पारंपरिक तार वाले पेसमेकर का विकल्प।
- नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में आधुनिक कार्डियक केयर पर जोर।
Heart treatment made easier with TAVI and leadless pacemakers : हृदय रोगों के उपचार में लगातार विकसित हो रही तकनीकों को लेकर नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने आधुनिक कार्डियक केयर की जानकारी साझा की। होटल फोर पॉइंट्स बाय शेरटन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में TAVI और Leadless Pacemaker जैसी प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान इलाज करा चुके मरीजों ने भी अपने अनुभव मीडिया के साथ साझा किए।

नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के एडिशनल डायरेक्टर-कार्डियोलॉजी डॉ. अंशु काबरा ने बताया कि TAVI और Leadless Pacemaker कुछ चुनिंदा मरीजों के लिए कम इनवेसिव उपचार विकल्प उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं में पारंपरिक बड़े ऑपरेशन की तुलना में कम चीरा और अपेक्षाकृत कम हस्तक्षेप की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, इलाज का विकल्प मरीज की बीमारी और उसकी पूरी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय किया जाता है।
मरीजों ने साझा किए इलाज के अनुभव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन मरीजों को भी शामिल किया गया, जिनका इन आधुनिक तकनीकों के माध्यम से सफल उपचार किया गया है। मरीजों ने बताया कि उपचार के बाद उन्हें अपनी सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद मिली।
यह भी पढ़ें ; PM मोदी के जन्मदिन पर सीएम भजनलाल शर्मा ने की खास अपील
डॉक्टरों के मुताबिक, आधुनिक तकनीकों का उद्देश्य उपचार को मरीज की जरूरत के अनुसार अधिक सुविधाजनक बनाना है। खासकर अधिक उम्र या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों में किसी भी कार्डियक प्रक्रिया से पहले विस्तृत जांच जरूरी होती है।
इलाज से पहले पूरी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन जरूरी
नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर के क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. प्रदीप कुमार गोयल ने कहा कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे मरीजों में कार्डियक प्रक्रिया से पहले सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक होता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में उपचार की योजना बनाते समय मरीज की पूरी मेडिकल हिस्ट्री और स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखा जाता है। कम इनवेसिव तकनीकें कुछ जटिल मामलों में उपयोगी विकल्प हो सकती हैं, लेकिन प्रक्रिया का चयन प्रत्येक मरीज की व्यक्तिगत जरूरत के आधार पर किया जाता है।
मरीजों की सुरक्षा और सुविधा पर फोकस
नारायणा हॉस्पिटल के डायरेक्टर बलविंदर सिंह वालिया ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर उपचार अनुभव को प्राथमिकता देते हुए आधुनिक मेडिकल तकनीक उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि Leadless Pacemaker कार्डियक उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति है और कुछ मरीजों के लिए यह कम इनवेसिव विकल्प हो सकता है। अस्पताल के अनुसार, इस तरह की सुविधाएं जयपुर में उन्नत कार्डियक केयर उपलब्ध कराने के प्रयास का हिस्सा हैं।
हृदय रोगों के उपचार में TAVI और Leadless Pacemaker जैसी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल से मरीजों के लिए उपचार के विकल्पों का दायरा बढ़ा है। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीक के साथ सही मरीज का चयन, विशेषज्ञों की टीम और उपचार से पहले विस्तृत जांच भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
यह भी पढ़ें ; आपदा राहत से लेकर तैयारी तक: ओडिशा मॉडल जो आपदा प्रबंधन में बन गया देश-दुनिया की पहचान
नारायणा हेल्थ के बारे में
नारायणा हेल्थ देश में अस्पतालों का एक प्रमुख नेटवर्क है, जो विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराता है। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में कार्डियक केयर, क्रिटिकल केयर और उन्नत चिकित्सा सेवाओं सहित कई उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं।



