बीकानेर हाउस में ‘तीजोत्सव-2026’ की धूम, रैंप वॉक पर दिखा राजस्थानी पोशाक का जलवा
नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में चल रहे दस दिवसीय तीजोत्सव-2026 में राजस्थान की लोक संस्कृति, पारंपरिक परिधान और कला की झलक देखने को मिल रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी ने आयोजन का अवलोकन किया और राजस्थानी वेशभूषा को सांस्कृतिक विरासत का अहम प्रतीक बताया। उत्सव में प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
- तीजोत्सव-2026 में राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं की झलक।
- राजस्थानी परिधान पर आयोजित हुआ खास रैम्प-शो।
- बीकानेर हाउस में 23 अगस्त तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम।
‘Teejotsav-2026’ celebrated at Bikaner House : राजधानी दिल्ली में राजस्थान की संस्कृति इन दिनों अलग ही रंग में नजर आ रही है। नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस में आयोजित दस दिवसीय ‘तीजोत्सव-2026’ में लोक कला, पारंपरिक वेशभूषा और राजस्थानी परंपराओं को करीब से देखने का मौका मिल रहा है।

मंगलवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री एवं अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने उत्सव का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉल देखे और मंच से लोगों को राजस्थान की कला एवं सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए सभी को तीज की शुभकामनाएं भी दीं।
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चौधरी ने कहा कि राजस्थानी परिधान देश की सांस्कृतिक विविधता को पहचान देने वाली महत्वपूर्ण विरासत हैं। राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों, लोक जीवन, रीति-रिवाजों और कला परंपराओं ने यहां की वेशभूषा को अलग पहचान दी है। पुरुषों की धोती-कुर्ता, अंगरखा, साफा और पगड़ी से लेकर महिलाओं की घाघरा-चोली, ओढ़नी और पारंपरिक आभूषण राजस्थान की समृद्ध संस्कृति को दर्शाते हैं।
रैम्प-शो में दिखी राजस्थानी वेशभूषा
तीजोत्सव के तहत मंगलवार को पारंपरिक राजस्थानी परिधानों को केंद्र में रखकर रैम्प-शो आयोजित किया गया। इसमें बच्चों से लेकर महिलाओं और पुरुषों तक ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अलग-अलग पारंपरिक परिधानों के जरिए राजस्थान की विविध सांस्कृतिक पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के विजेताओं को उपहार देकर सम्मानित भी किया गया। रैम्प-शो में प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया।
संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश
प्रमुख आवासीय आयुक्त रोहित कुमार ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत किया और उन्हें उत्सव में लगाए गए स्टॉलों का भ्रमण कराया। उन्होंने बताया कि तीजोत्सव का उद्देश्य राजस्थान की लोक संस्कृति, कला, परंपराओं और विरासत के संरक्षण के साथ उन्हें व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है।
बीकानेर हाउस का यह आयोजन दिल्ली में रहने वाले लोगों के साथ-साथ राजस्थान से बाहर बसे राजस्थानी समाज के लिए भी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ने का अवसर बन रहा है।
संयुक्त आवासीय आयुक्त रिंकु मीना ने बताया कि उत्सव में आने वाले दिनों में भी कई प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 19 अगस्त को गायन प्रतियोगिता, 20 अगस्त को साफा-पगड़ी बांधने की प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
बच्चों और आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी मनोरंजक गतिविधियां रखी गई हैं। 21 अगस्त को बच्चों के लिए मैथमेटिकल रेस, जबकि 22 अगस्त को लेमन स्पून रेस और सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा।
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23 अगस्त को रस्साकशी प्रतियोगिता के साथ प्रसिद्ध लोक कलाकार कुटले खां की विशेष लोक सांस्कृतिक प्रस्तुति भी होगी। आयोजकों के मुताबिक, इन गतिविधियों के जरिए उत्सव को केवल पारंपरिक कार्यक्रम तक सीमित रखने के बजाय हर उम्र के लोगों के लिए आकर्षक बनाया जा रहा है।



