राजस्थान में यूएई निवेश की तैयारी, हॉस्पिटिलिटी पर खास नजर
जयपुर में यूएई और राजस्थान के बीच पर्यटन व निवेश को लेकर अहम राउंड टेबल बैठक हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यूएई कंपनियों को ऊर्जा, हॉस्पिटिलिटी और अन्य क्षेत्रों में निवेश का न्योता दिया। यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक-अल-मरी ने राजस्थान के हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में रुचि जताई और मुख्यमंत्री को दुबई यात्रा के लिए आमंत्रित किया। दोनों पक्षों ने पर्यटन सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
- UAE निवेश के लिए राजस्थान ने खोले नए अवसर।
- हॉस्पिटिलिटी सेक्टर में यूएई कंपनियां दिखा रही रुचि।
- राजस्थान पर्यटन को दुबई से बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद।
Preparations for UAE investment in Rajasthan : राजस्थान में विदेशी निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में गुरुवार को जयपुर के रामबाग पैलेस होटल में यूएई-राजस्थान टूरिज्म और इन्वेस्टमेंट राउंड टेबल बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक-अल-मरी की मौजूदगी में दोनों पक्षों ने निवेश और पर्यटन से जुड़े संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की।

बैठक में मुख्यमंत्री ने यूएई की कंपनियों को राजस्थान में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने ऊर्जा, हॉस्पिटिलिटी सहित कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की पहचान सिर्फ रेगिस्तान तक सीमित नहीं है। यहां ऐतिहासिक किले, महल और हवेलियां, वन्यजीव अभ्यारण्य, जेम्स एंड ज्वेलरी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और खनिज जैसे कई क्षेत्र निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में यूएई की कंपनियों के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि राजस्थान में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के उद्देश्य से कई नीतियां लागू की गई हैं। एयरोस्पेस एंड डिफेंस समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए नीतिगत पहल की गई है। ऊर्जा क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान तेजी से ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
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पर्यटन और विरासत संरक्षण को भी निवेश के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकास भी, विरासत भी’ के दृष्टिकोण के अनुरूप शेखावाटी की 662 ऐतिहासिक हवेलियों को संरक्षण के लिए चिन्हित किया गया है। इससे विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ निजी निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं।
बैठक में भारत और यूएई के मजबूत होते रिश्तों का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व के बीच बेहतर संबंधों ने आर्थिक साझेदारी को नई दिशा दी है। उन्होंने मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो वर्षों में भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार 100 अरब डॉलर से अधिक रहा है। उन्होंने यूएई में रहने वाले करीब 45 लाख भारतीयों को दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया। इनमें राजस्थान से जुड़े प्रवासी भी बड़ी संख्या में हैं।
यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक-अल-मरी ने भारत और यूएई के शीर्ष नेतृत्व के बीच मजबूत संबंधों की सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के रिश्तों को खास बताया। उन्होंने भारत और यूएई के बीच हुए कॉम्प्रिहेन्सिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट यानी CEPA को भी आर्थिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया।
अब्दुल्ला बिन तौक-अल-मरी ने राजस्थान के पर्यटन और खानपान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि राजस्थान का हॉस्पिटिलिटी सेक्टर यूएई की कंपनियों के लिए आकर्षक है और कई कंपनियां यहां निवेश करने में रुचि रखती हैं। उन्होंने जयपुर और दुबई के बीच हवाई संपर्क को और बेहतर बनाने की इच्छा भी जताई।
यूएई मंत्री ने कहा कि इस राउंड टेबल बैठक से भारत और यूएई के बीच साझेदारी को नई मजबूती मिल सकती है। इसी दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को दुबई यात्रा के लिए आमंत्रित भी किया।
बैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पर्यटन शासन सचिव शुचि त्यागी सहित यूएई और राजस्थान के हॉस्पिटिलिटी एवं निवेश क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे। रोटाना होटल ग्रुप, जेए रिसॉर्ट्स एंड होटल्स, धामानी ग्रुप, लैंडमार्क ग्रुप के सिटीमैक्स होटल्स एंड फूडमार्क और मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स समेत विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
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बैठक से यह संकेत मिला कि राजस्थान और यूएई के बीच सहयोग अब केवल पर्यटन तक सीमित रखने के बजाय निवेश, हॉस्पिटिलिटी, कनेक्टिविटी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों तक विस्तार देने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में इन चर्चाओं से राजस्थान में नई परियोजनाओं और विदेशी निवेश के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।



