शहरी सेवा शिविरों का असर, घर-घर पहुंच रही सरकारी राहत
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए राहत का बड़ा माध्यम बन रहे हैं। एक महीने में 7,701 शिविरों के जरिए लाखों परिवारों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ मिला। मौके पर ही प्रमाण पत्र, पट्टे, नामांतरण, बिजली कनेक्शन और अन्य जरूरी कार्यों का त्वरित निस्तारण किया गया।
- शहरी सेवा शिविर के माध्यम से एक महीने में 7,701 शिविर आयोजित किए गए।
- शहरी सेवा शिविर में लाखों लोगों को सरकारी सेवाओं और योजनाओं का सीधा लाभ मिला।
- भजनलाल शर्मा स्वयं शिविरों की मॉनिटरिंग कर अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दे रहे हैं।
Government relief reaching every household : राजस्थान सरकार के शहरी सेवा शिविर आमजन की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित इन शिविरों के जरिए नागरिकों को सरकारी सेवाएं उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही।
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12 जून से 13 जुलाई के बीच प्रदेशभर में 7,701 शहरी सेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में 38,494 पट्टों का वितरण, 12,163 नामांतरण प्रकरणों का निस्तारण और 6,811 भवन मानचित्र मामलों का समाधान किया गया। इसके अलावा 91,599 जन्म, मृत्यु एवं विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र तथा 5,644 ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
शिविरों के माध्यम से शहरी विकास और मूलभूत सुविधाओं को भी गति मिली है। शहरों में 25,448 कचरा संभावित स्थलों को समाप्त कर स्वच्छता को बढ़ावा दिया गया, जबकि 2,517 नए सीवर कनेक्शन स्वीकृत किए गए। बेहतर रोशनी के लिए 19,978 नई स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं और 62,042 स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कर उन्हें फिर से चालू किया गया।
आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के क्रम में 38,381 नए बिजली कनेक्शन जारी किए गए। वहीं पालनहार योजना के तहत 11,132 बच्चों का पुनः सत्यापन किया गया। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत 17,354 आवेदन प्राप्त हुए, जिनके माध्यम से छोटे व्यापारियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं इन शिविरों की नियमित मॉनिटरिंग और निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान वे लाभार्थियों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हैं और अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे। सरकार का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना है।



