ग्रामीण जलापूर्ति को लेकर सरकार सख्त : मुख्य सचिव ने दिए ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण में तेजी लाने के निर्देश
जयपुर में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की एपेक्स कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने हर घर जल प्रमाणीकरण और जल नल मित्र प्रशिक्षण में तेजी लाने, पूरी हो चुकी योजनाओं को समुदायों को सौंपने तथा संचालन-संधारण व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का लाभ लगातार मिलता रहे।
- जल योजनाओं की प्रगति की मुख्य सचिव ने समीक्षा की।
- हर घर जल प्रमाणीकरण और जल नल मित्र प्रशिक्षण में तेजी के निर्देश।
- जल योजनाओं के संचालन-संधारण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर जोर।
Government strict on rural water supply : राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन (SWSM) की एपेक्स कमेटी की बैठक मंगलवार को सचिवालय में आयोजित हुई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीण जलापूर्ति से जुड़ी योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न योजनाओं की प्रगति और मौजूदा क्रियान्वयन स्थिति की जानकारी दी।
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बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल के जरिए पानी पहुंचाने के लक्ष्य के साथ योजनाओं का प्रमाणीकरण भी समय पर पूरा होना जरूरी है। उन्होंने पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को हर घर जल प्रमाणीकरण की प्रक्रिया तेज करने और जल नल मित्रों के प्रशिक्षण को तय समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन ग्रामीण नल जलापूर्ति योजनाओं का काम पूरा हो चुका है, उन्हें स्थानीय समुदायों को सौंपने की प्रक्रिया को गति दी जाए। इसके लिए अधिक संख्या में जलापर्ण कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया गया। उनका मानना है कि योजनाओं का स्थानीय स्तर पर हस्तांतरण होने से लोगों में स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना बढ़ेगी।
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मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन के तहत संचालन एवं रखरखाव (O&M) संबंधी दिशा-निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल योजना का निर्माण पूरा कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लंबे समय तक उसकी उपयोगिता बनाए रखना और नियमित संचालन-संधारण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने, निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने और क्रियान्वयन में किसी तरह की देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। बैठक में योजनाओं की प्रगति के साथ-साथ ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
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बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव हेमंत गेरा, जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक राजन विशाल, पंचायती राज विभाग के सचिव एवं आयुक्त डॉ. जोगाराम सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के संयुक्त सचिव डी. सेंथिल पांडियन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े।



