एआई के दौर में शिक्षक क्यों हैं जरूरी? नितिन विजय ने बताई बड़ी वजह
कोटा में मोशन एजुकेशन के शिक्षक दिवस समारोह में शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया गया। फाउंडर नितिन विजय ने कहा कि एआई और डिजिटल लर्निंग से जानकारी भले आसानी से मिल रही हो, लेकिन उसे विद्यार्थियों तक सरल तरीके से पहुंचाने और उनमें सीखने की ललक पैदा करने में शिक्षक की भूमिका आज भी सबसे अहम है। समारोह में संगीत और हास्य प्रस्तुतियों ने माहौल को यादगार बना दिया।
- एआई के दौर में शिक्षक की भूमिका विद्यार्थियों को सही दिशा और प्रभावी मार्गदर्शन देने में अहम बनी हुई है।
- नितिन विजय ने शिक्षकों से लगातार सीखते रहने और विद्यार्थियों के साथ भरोसे का रिश्ता बनाने की अपील की।
- शिक्षक दिवस समारोह में इन्दर साहनी की स्टैंडअप कॉमेडी और संगीत प्रस्तुतियों ने शिक्षकों का खूब मनोरंजन किया।
Why Teachers Still Matter in the AI Era : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक की भूमिका कम होने के बजाय और महत्वपूर्ण हो गई है। मोशन एजुकेशन के फाउंडर एवं एजुकेटर नितिन विजय ने कहा कि आज विद्यार्थियों को जानकारी हासिल करने के लिए कई डिजिटल माध्यम उपलब्ध हैं, लेकिन सही जानकारी को समझना, उसका महत्व बताना और उसे आसान भाषा में समझाना शिक्षक ही बेहतर तरीके से कर सकता है।

शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर मोशन एजुकेशन के जेईई, नीट और फाउंडेशन डिवीजन के शिक्षकों के लिए आयोजित अभिनंदन समारोह में नितिन विजय ने शिक्षकों से लगातार खुद सीखते रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के भीतर सीखने वाला विद्यार्थी हमेशा जीवित रहना चाहिए।
नितिन विजय के मुताबिक केवल विषय का ज्ञान होना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती उस ज्ञान को विद्यार्थी की समझ के अनुरूप प्रस्तुत करने की है। उन्होंने कहा कि अच्छा शिक्षक कठिन से कठिन विषय को भी सरल, स्पष्ट और रोचक बना सकता है। इसके लिए विद्यार्थियों के साथ संवाद और भरोसे का रिश्ता बेहद जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि बदलते समय में शिक्षक की भूमिका सिर्फ पढ़ाने तक सीमित नहीं रह सकती। विद्यार्थी की जरूरत के अनुसार शिक्षक को कभी मोटिवेटर, कभी सलाहकार और कई बार बड़े भाई या दोस्त की तरह भी उसके साथ खड़ा होना पड़ता है। यही जुड़ाव शिक्षा को प्रभावी बनाता है।
नितिन विजय ने कहा कि कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों को कोई डिग्री या मार्कशीट नहीं देते। विद्यार्थी यहां अपनी तैयारी, सीखने और सही मार्गदर्शन की उम्मीद लेकर आते हैं। ऐसे में बेहतर शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की देखभाल करना संस्थान और शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के साथ सहज और वास्तविक व्यवहार रखने की बात कही। उनका कहना था कि शिक्षक का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर सीखने की इच्छा और आत्मविश्वास पैदा करना भी होना चाहिए।
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समारोह में शिक्षा के गंभीर संदेश के साथ मनोरंजन का भी खास इंतजाम किया गया था। स्थानीय कलाकारों की गीत-संगीत प्रस्तुतियों ने माहौल में उत्साह भर दिया। इसके बाद मुंबई के चर्चित स्टैंडअप कॉमेडियन इन्दर साहनी ने अपने सहज अंदाज, चुटीले हास्य और रोजमर्रा के अनुभवों से जुड़े किस्सों से शिक्षकों को खूब हंसाया। उनकी प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों और ठहाकों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम में मोशन एजुकेशन के चेयरमैन सुरेंद्र विजय, डायरेक्टर श्रीमती सुशीला विजय और डॉ. स्वाति विजय ने शिक्षकों का अभिनंदन किया। सम्मान और मनोरंजन से सजे इस आयोजन ने शिक्षक दिवस को शिक्षकों के लिए खास बना दिया।



