शेखावाटी को यमुना जल की सौगात, 800 करोड़ का जलाशय

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फतेहपुर में चूरू, झुंझुनूं और सीकर के 1,277 करोड़ रुपये से अधिक के 83 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। हंसियावास में 800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृत्रिम जलाशय की आधारशिला रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल परियोजना से शेखावाटी के लोगों का दशकों पुराना इंतजार खत्म होने की दिशा में काम आगे बढ़ा है।

  • यमुना जल परियोजना: शेखावाटी के सीकर, चूरू और झुंझुनूं सहित आसपास के क्षेत्रों तक यमुना का पानी पहुंचाने की योजना।
  • 800 करोड़ का जलाशय: हंसियावास में कृत्रिम जलाशय का शिलान्यास, जल्द शुरू होगा निर्माण।
  • 1,277 करोड़ के विकास कार्य: चूरू, झुंझुनूं और सीकर में 83 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास।

Yamuna Water Project in Shekhawati : शेखावाटी क्षेत्र में यमुना का पानी पहुंचाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को फतेहपुर में हंसियावास जलाशय परिसर में 800 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले कृत्रिम जलाशय का शिलान्यास किया। इसके साथ ही चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों के लिए 1,277 करोड़ रुपये से अधिक के 83 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।

शेखावाटी को यमुना जल की सौगात, 800 करोड़ का जलाशय
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी में यमुना जल का दशकों पुराना इंतजार अब खत्म होने की दिशा में है। 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली यमुना जल परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से तीन पाइपलाइनों के माध्यम से सीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि हंसियावास का कृत्रिम जलाशय इस परियोजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इसका काम जल्द शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री फतेहपुर में ‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा ही प्रभु सेवा’ के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपर यमुना बेसिन में रेणुका, लखवार और किशाऊ बांधों से राजस्थान के हिस्से का पानी गैर-मानसून अवधि में भी उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है।

कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा, चिकित्सा शिक्षा, स्कूल एवं संस्कृत शिक्षा, अल्पसंख्यक मामलात, सार्वजनिक निर्माण और पशुपालन समेत विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया।

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इनमें ऊर्जा विभाग के करीब 296 करोड़ रुपये के छह कार्य, आईटीआई मंडावा भवन, जिला परिवहन कार्यालय खेतड़ी, सीकर जिला स्टेडियम में बास्केटबॉल अकादमी और रतनगढ़ की पड़िहारा-लोहा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना से जुड़े कार्य शामिल हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, सार्वजनिक निर्माण और ऊर्जा विभाग की कई परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर जनसुविधाओं का विस्तार होगा और क्षेत्र में विकास की गति बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि संकल्प पत्र में किए गए वादों में से 78 प्रतिशत पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारों के प्रयासों से लंबे समय से लंबित अंतरराज्यीय जल समझौतों को गति मिली है। इनमें रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा जल से संबंधित समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना का उल्लेख किया।

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उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में 15 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाया गया है।
रोजगार और आवास योजनाओं का भी जिक्र मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए 4 लाख सरकारी भर्तियों के लक्ष्य की जानकारी देते हुए कहा कि अब तक 1 लाख 89 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 3 लाख 82 हजार मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है और 4 लाख 53 हजार आवास निर्माणाधीन हैं। महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में 18.5 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।

किसानों के लिए मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 9 हजार रुपये किए जाने और गेहूं पर राजस्थान में सबसे अधिक एमएसपी दिए जाने की बात कही।

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