लोकतंत्र में संवाद जरूरी: राज्यपाल

अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के मौके पर जयपुर में भारतीय युवा संसद का 31वां अधिवेशन आयोजित हुआ। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं से न्याय, शांति, विकास और मानवाधिकारों के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और सभी नागरिकों की समान भागीदारी से मजबूत होने वाली प्रक्रिया है।

  • भारतीय युवा संसद: जयपुर में 31वें अधिवेशन का आयोजन किया गया।
  • राज्यपाल हरिभाऊ बागडे: युवाओं से लोकतंत्र के प्रहरी बनने की अपील की।
  • लोकतंत्र में संवाद: राज्यपाल ने न्याय, शांति और समान भागीदारी को अहम बताया।

Youth Parliament Holds 31st Session in Jaipur : जयपुर में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय युवा संसद के 31वें अधिवेशन का आयोजन किया गया। इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में हुए कार्यक्रम में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया।

राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए लोगों के बीच विश्वास और सार्थक संवाद जरूरी है। उनके मुताबिक संवाद से सुसंवाद और सुसंवाद से मैत्री का रास्ता निकलता है। उन्होंने कहा कि न्याय, शांति, विकास और मानवाधिकारों के प्रति समर्पण लोकतंत्र की बुनियादी ताकत है।

यह भी पढ़ें : जनजातीय योजनाओं पर CS सख्त, समयसीमा तय

हरिभाऊ बागडे ने युवाओं को भारत की ताकत बताते हुए विकसित भारत के संकल्प में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का वास्तविक अर्थ विकास की प्रक्रिया में हर नागरिक की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने संसद के महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संसद सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है। संविधान को संसद का मार्गदर्शक बताते हुए उन्होंने कहा कि इस भावना को समझने वाला व्यक्ति सदन की गरिमा के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगा।

उन्होंने युवाओं से संसदीय लोकतंत्र के प्रहरी के तौर पर जिम्मेदारी निभाने की अपील की। साथ ही कहा कि लोकतंत्र में केवल अधिकारों की समझ ही नहीं, बल्कि विश्वास और समझदारी भी जरूरी है। उनके अनुसार समझदारी एक बड़ा सद्गुण है, जिसे युवाओं को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।

यह भी पढ़ें : बिग बॉस 20 में आसिफ खान का फूटा गुस्सा

राज्यपाल ने युवाओं को अच्छी बातों और सकारात्मक विचारों को आत्मसात करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छी बातों को ग्रहण करने से विवेक विकसित होता है और यही विवेक व्यक्ति को समाज में सम्मान दिलाने में मदद करता है।

कार्यक्रम में गुजरात सरकार की राज्य मंत्री रिवाबा जाडेजा ने भी विचार रखे। उन्होंने लोकतंत्र में साझा समझ विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को सबसे अधिक आवश्यकता युवा शक्ति की है और इसी युवा ऊर्जा के बल पर भारत तेजी से आगे बढ़ सकता है।

Related Articles

Back to top button