राजस्थान की धरती पर फसल भले ही बरसात पर निर्भर हो, लेकिन यहां इंसानियत की फसल बहुत अच्छी है : शहर इमाम

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दादाबाड़ी में मुस्लिम भाइयों की ओर से स्नेह मिलन समारोह का आयोजन

चूरू। दादाबाड़ी में मुस्लिम भाइयों की ओर से शनिवार को दीपावली स्नेह मिलन में छोटी काशी चूरू की गंगा जमुनी संस्कृति साकार हुई। समारोह में शहर इमाम मो. अनवार नदिमुल कादरी ने कहा कि सारी दुनिया की नजर है हिन्दुस्तान पर है लेकिन हमारे पर्व है कि हिन्दुस्तां की ताकत बन खड़े हो जाते हैं। हम अपने वतन की आन बान और शान पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

उन्होंने कहा की राजस्थान की धरती भले ही बंजर है लेकिन यह धरा वीरता की इतिहास लिखती है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि यह सियासत की नहीं, फकीरों की धरती है, जहां मुहब्बत पलती है। राजस्थान की इस धरती में आंधियां चलती हैं और खेतों में फसल भले ही बरसात पर निर्भर हो लेकिन यहां इंसानियत की फसल बहुत अच्छी है।

कलेक्टर सांवरमल वर्मा ने कहा कि दीपोत्सव पर्व पर मुस्लिम भाइयों द्वारा स्नेहमिलन आयोजित करना एक बड़ी सामाजिक पहल है। एसपी नारायण टोगस ने कहा कि चूरू की सामाजिक समरसता कानून व्यवस्था को ताकत प्रदान करता है। समाजसेवी हनुमान कोठारी ने कहा कि साम्प्रदायिक सद्भाव का संवाहक रहा है चूरू, चूरू कभी गिरा है तो गिरकर उठ जाता है। प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रेहाना रियाज ने कहा कि समाज में समरसता रहे यही हमारी विरासत है।

प्रो. कमल कोठारी ने कहा कि हम सब एक है, दीपावली हो चाहे ईद यह हमारी संस्कृति है। समारोह में ध्याननाथ महाराज, डॉ.मुमताज अली, डॉ.बीके चौधरी, अहमद मन्नान, ज्योतिषाचार्य आत्माराम, शायर इदरीश खत्री, आईएएस में चयनित चूरू के रामचंद्र प्रजापत ने विचार व्यक्त किए। संयोजक रियाजत खान ने आभार व्यक्त किया। संचालन राधेश्याम चोटिया ने किया। इससे पूर्व पूर्व प्रधान रणजीत सातड़ा, जमील चौहान, रामनिवास सहारण, मकसूद अली, राजेन्द्र कल्ला, मो.रसूल खान, पार्षद राजकुमार, बजरंगलाल, हेमन्त सिहाग, विकास मील, दिलीप महनसरिया आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।

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