घर बैठे पाएं कोरोना से निजात, इन चिकित्सकों ने भाप को बताया कारगर इलाज

जयपुर। कोरोना महामारी की दूसरी लहर से देश में पॉजिटिव की संख्या और मौतों का रिकॉड टूट रहा है। हर राज्य से रोज सैकड़ों मौत की खबरें आ रही हैं। ऐसे में कोरोना से बचाव के उपायों को लेकर भी चिकित्सक समय समय पर लोगों को जागरुक कर रहे हैं और ऐेसे घरेलू उपाय भी बता रहे हैं। ऐसेे में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने कोरोना से बचाव के लिए भाप को बहुत ही कारगर प्रयोग बताया है।

इस बारे में डॉ संजीव शर्मा, कुलपति राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय कहते हैं कि कोरोना वायरस सीधा गले ओर फेफड़ों पर अटैक कर संक्रमित कर रहा है। इसकी चपेट में आते ही मरीजों को वेंटिलेटर, बाइपेप और ऑक्सीजन जैसी क्रिटिकल और लाइफ सपोर्ट जैसे सिस्टम की जरूरत पड़ रही है। लेकिन अगर हम थोड़ी उपाय करलें तो बहुत आसान तरीकों से इससे निजात पा सकते हैं वह भी घर बैठे। डॉ. संजीव कहते हैं भाप का प्रयोग करें इससे बचा जा सकता है। इसके लिए एक बर्तन में एक लीटर पानी गरम कर बर्तन ओर अपने सिर को तौलिये से ढंक लें ओर 2-5 मिनट तक भांप श्वासं के साथ अंदर लें। क्योंकि, वायरस नाक से सीधे गले तक उतरता है ऐसे में भाप सीधे अंदर जाकर गले और फेफड़ों को सांफ करती है और वायरस को काफी हद तक नष्ट करती है। इसके अलावा काढ़ा भी वायरस का खत्म करने में बहुत कारगर है। गौरतलब है कि भारत में कोरोना अपने चरम पर पहुंच चुका है। देश में हर रोज दो लाखा से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं और 3-4 हजार तक मौंते हो रही हैं। ऐसे में चिकित्सक लोगों से ऐसे नुस्खें अपनाने पर जोर दे रहे हैं ताकि वह घर बैठे कोरोना से निजात पा सके।

भाप के फायदे बताते हुए डॉ वीरेंद्र सिंह, श्वास विशेषज्ञ कहते हैं कि पहले वायरस नाक, मुंह ओर गले से अंदर आता था लेकिन, अब वायरस काफी तेजी से पैरानासल साइनस की आंतरिक लेयर से होकर सीधे फेफड़ों में पहुंच रहा है। ऐसे में भाप इससे बचने का सबसे कारगर उपाय है। पैरानासल साइनस में छुपे वायरस को निष्क्रिय करने के साथ-साथ फेंफड़ों में वायरस के जवाब को भी रोक सकता है।

वहीं डॉ.नितिन शर्मा, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेद साइंसेज नई दिल्ली के पूर्व सीनियर रिसर्च ऑफिसर कहते हैं कि भाप में एक से दो चुटकी नमक डालने पर भाप का प्रभाव बढ़ जाता है। और सभी तरह के वायरस को खत्म करने की क्षमता रखता है।

डॉ. राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन कहते हैं कि सुबह शाम, गुनगुने पानी में सैंधा नमक व हल्दी डालकर गरारे करने से भी संक्रमित मरीजों को फायदा मिल सकता है।