गणगौर महोत्सव में दिखा अपार उत्साह

गणगौर महोत्सव
गणगौर महोत्सव

बीकानेर। बीकानेर माहेश्वरी मंडल जयपुर द्वारा आयोजित गणगोर महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन बड़े धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम माहेश्वरी समाज के जनोपयोगी भवन उत्सव विद्याधर नगर में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम बीकानेरी माहेश्वरी परिवार जयपुर प्रवासी द्वारा बीकानेरी माहेश्वरी बंधुओं के लिए आयोजित किया गया।

गणगौर महोत्सव
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कार्यक्रम के प्रारंभ में बीकानेर माहेश्वरी मंडल (जयपुर) की स्थापना के बारे में बृजमोहन बाहेती द्वारा जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गणगौर महोत्सव के प्रेरक रतन लाल जी पुगलिया रहे जो वर्षों से इस त्यौहार को बीकानेरी भाईपे के साथ मनाते आ रहे हैं। गणगौर महोत्सव की परिकल्पना घनश्याम जी मूंधड़ा, राधे जी राठी, गिरिराज जी पुगलिया, शिव शंकर जी कोठारी, सुशील जी काबरा एवं श्याम जी डागा द्वारा की गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ बीकानेरी माहेश्वरी समाज के वरिष्ठ जनों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
प्रारंभ में मंडल की महिला सदस्यों द्वारा एक सामूहिक गणगौर नृत्य प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य गायिका बीकानेर मूल की मती राधा बागड़ी मुंबई ने गणगोर गीतों की लहरिया बिखेरी। उनकी मधुर आवाज में गाये गये गणगौर के पारंपरिक गीतों में पुरुषों-महिलाओं ने नृत्य से पूरे माहौल को उमंग और उत्साह से भर दिया।

सुनील जी मूंधड़ा टिकट संयोजक ने बताया कि जयपुर में बीकानेर मूल के लगभग 250 परिवारों के 750 सदस्य है जिनमें से 600 सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया। पुरुष कुर्ता परिधान में तथा महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में गहनो के साथ सुसज्जित होकर गवरजा बनकर आई। कार्यक्रम में विभिन्न परिवारों द्वारा लाई गई 50 गवर, र्ईश्वर और भाया का सामूहिक पूजन किया गया और आरती की गई।

कार्यक्रम में शामिल बीकानेरी पुरुष महिलाएं ऐसी कल्पना कर रहे थे कि मानो वे जयपुर नहीं बल्कि बीकानेर में बैठकर त्यौहार का आनंद ले रहे हैं। बीकानेर माहेश्वरी मंडल के सदस्यों का डाटा संकलन संजय राठी और वर्धन मोहता ने किया। कार्यक्रम के पश्चात सभी बंधुओं ने गणगोर त्यौहार पर बनाई जाने वाली पारंपरिक भोजन प्रसादी का आनंद लिया।