विज्ञातीर्थ क्षेत्र पर 8 उपवास के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ विनतियों का कार्यक्रम

प. पू. भारत गौरव
प. पू. भारत गौरव

जयपुर। प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका गुरु मां विज्ञाश्री माताजी की पावन प्रेरणा एवं आशीर्वाद से निर्माणाधीन सहस्रकूट जिनालय का कार्य शीघ्रता से गति पर है। निवाई – चाकसू के बीच जैन संतों के रुकवाने का स्थान होना चाहिए इस भावना से क्षेत्र निर्मित किया जा रहा है।आचार्य विद्यासागर जी महाराज के शिष्य मुनि नीरज सागर जी व मुनि निर्मल सागर जी महाराज ससंघ का क्षेत्र पर विराजमान आर्यिका ज्ञानश्री व ज्ञायकश्री माताजी से वात्सल्य मिलन हुआ। उन्होंने आशीर्वाद देते हुए कहा कि – इस मंदिर का कार्य शीघ्र पूर्ण हो।

जो कदम माताजी ने धर्म की रक्षा के लिए उठाया है वो जल्दी ही सार्थक हो । मुनिराजों का क्षेत्र पर रात्रि विश्राम के बाद प्रातः मंगल विहार हुआ।साथ ही क्षेत्र पर शांतिनाथ प्रभु के चरणों में पहुंचकर अष्टाह्निका पर्व में 8 दिन के उपवास की साधना कर रही व्रती श्राविका सुमित्रा जी मोहनबाडी के विनतियों का कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ।निर्माणाधीन जिनालय के नींव भरने का कार्य जोरों शोरों से चालू हो गया है। आप सभी की भावनाओं और सहयोग से शीघ्र ही ऐतिहासिक तीर्थ का निर्माण होगा।