बच्चों को पेट के कीड़ों से मुक्ति दिलाएगी एल्बेंडाजोल दवा

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जिले में शुरू हुआ राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम, 30 अक्टूबर तक चलेगा

श्रीगंगानगर। बच्चों के पेट में कीड़ों से मुक्ति दिलाने के लिए जिले में सोमवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम शुरू हुआ। इस दौरान बच्चों एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर यह दवा एक वर्ष से 19 वर्ष की आयु तक के बच्चों को दी जाएगी। हालांकि जिन बच्चों को मिर्गी के दौरे आते हैं, जो किसी अन्य बीमारी से पीडि़त हैं उन्हें यह दवा नहीं दी जाएगी। अभियान में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग का सहयोग रहेगा।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम जिले में 30 अक्टूबर तक संचालित होगा। कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत जिला मुख्यालय पर यूपीएचसी पुरानी आबादी से हुई। यहां सीएमएचओ डॉ. गिरधारी लाल मेहरड़ा, एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहता, यूपीएचसी प्रभारी डॉ. राजन गोकलानी एवं सीओआईईसी विनोद बिश्रोई मौजूद रहे।

इस दौरान नौनिहालों को एल्बेंडाजोल की दवा देकर उनके अभिभावकों व आशा सहयोगिनियों की दवा एवं अभियान की महता बताई गई। सीएमएचओ डॉ. मेहरड़ा ने बताया कि कि एक से दो वर्ष तक की उम्र के बच्चों को आधी गोली तथा दो से 19 साल की उम्र के बच्चों को एक गोली पानी के साथ दी जाएगी। दवा का कोई साइटइफेक्ट नहीं होता है, हालांकि कुछेक बच्चों को हल्की उल्टी आदि की शिकायत होती है लेकिन यह गंभीर समस्या नहीं होती।

फिर भी बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा के मदï्देनजर जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। एसीएमएचओ डॉ. मुकेश मेहता ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के अनुसार भारत में एक से 14 वर्ष की आयु के 22 करोड़ बच्चे आंत के कृमि के संक्रमण के जोखिम में हैं।

कृमि संक्रमण के कारण बच्चों में कुपोषण और विकास अवरुद्ध होने जैसी समस्याएं जन्म लेती हैं। कृमि संक्रमण से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण भविष्य मे उनकी कार्यक्षमता और औसत आयु में कमी आती हैं। कृमि मुक्ति एक सुरक्षित, सरल एवं कम लागत वाला कार्यक्रम है जिससे आसानी से करोड़ों बच्चों को कृमि मुक्त किया जा रहा है। अभिभावकों को भी चाहिए कि वे इस अभियान में अपना योगदान दें एवं बच्चों को समझाइश कर यह दवा अवश्य लेने के लिए प्रेरित करें।

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