असम-मिजोरम हिंसा : असम सरकार ने हिंसा में 5 पुलिसकर्मियों और एक नागरिक की मौत के बाद 3 दिन का राजकीय शोक की घोषणाा की

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असम और मिजोरम के बीच सीमा विवाद का मुद्दा सोमवार को हिंसक हो गया। दोनों राज्यों की पुलिस और नागरिकों के बीच झड़प हुई। दोनों तरफ से पहले लाठियां चलीं, मामला बढ़ा तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस बीच फायरिंग भी हुई। इसमें 6 लोगों की मौत हो गई। हिंसा के बाद तनाव के बीच असम और मिजोरम के बीच विवादित बॉर्डर पर सीआरपीएफ की तैनाती करनी पड़ी।

इस बीच असम सरकार ने जान गंवाने वाले 5 पुलिसकर्मियों और एक नागरिक के सम्मान में 3 दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि जब गोलीबारी हो रही थी, मैंने मिजोरम के मुख्यमंत्री को 6 बार फोन किया। उन्होंने माफी मांगी और मुझे आइजोल में बातचीत के लिए बुलाया। हमारी जमीन का एक इंच भी कोई नहीं ले सकता।

इससे पहले सोमवार को सरमा ने दावा किया कि फायरिंग में असम पुलिस के 5 जवानों की मौत हो गई है। कछार जिले के एसपी वैभव निंबालकर चंद्रकार भी घायल हुए हैं। उनके पैर में गोली लगी है और वे आईसीयू में हैं। इसके साथ ही 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं। हिमंत मंगलवार को उनसे मिलने हॉस्पिटल भी पहुंचे।

अतिक्रमण हटाने को लेकर दोनों राज्यों की पुलिस और नागरिकों के बीच ये विवाद शुरू हुआ। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए और दोनों तरफ से लाठी, पत्थर से हमला शुरू हो गया। गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में असम का दौरा किया था। उनके दौरे के दो दिन बाद यह हिंसा हुई है।

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