
कोरोना वायरस माहमारी के बीच पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही है। खबरों की मानें तो पर्यटन के हॉटस्पॉट कहे जाने वाले हिमचाल प्रदेश के जीभी और तीर्थन को 5 सितंबर से खोल दिया जाएगा। इसके लिए आधिकारिक रूप से अधिसूचना जारी कर दिया गया है। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नए नियम बनाए गए हैं, जिन्हें पालन करना अनिवार्य होगा।

जीभी और तीर्थन दो प्रमुख पर्यटन स्थल है। जीभी हिमचाल प्रदेश के कुल्लू से 60 किलोमीटर दूर है। जबकि शिमला से 150 किलोमीटर दूर है। जीभी का मुख्य आकर्षण कैंपिंग और ट्रेकिंग है। जबकि तीर्थन का मुख्य आकर्षण केंद्र ग्रेट हिमालयन नैशनल पार्क के साथ-साथ ट्रेकिंग और फिशिंग भी है। इसके साथ ही यहां कई ऐसे सुंदर गांव और दर्शनीय स्थल हैं, जो अब पर्यटकों की पसंद बनते जा रहे हैं।
पर्यटक तीर्थन में साईं रोपा नामक गांव से हिमालयन नेशनल पार्क तक ट्रेकिंग कर सकते हैं। इसके लिए साईं रोपा गांव में ठहरा जा सकता है। इसके साथ ही रंगथर टॉप, रोला जलप्रपात और शिल्ट हट ट्रेक कुछ उम्दा ट्रेक्स हैं। यहां आपको ट्रैकिंग के लिए स्थानीय गाइड भी मिल जाएंगे। हालांकि, कोरोना वायरस महामारी के दौरान पर्यटन का आनंद लेने के लिए आपको नए नियमों का पालन करना होगा। अगर आपको नहीं पता है, तो आइए जानते हैं-
जीभी और तीर्थन के होटल मालिकों, गेस्टहाउसेस और गांव के लोगों ने निर्णय लिया है कि 5 सितंबर से पर्यटकों के ठहरने के लिए बुकिंग सेवा शुरू की जाएगी। हालांकि, पर्यटकों को दस दिनों के लिए बुकिंग करनी होगी।
-पर्यटकों को कोविड-19 प्रमाण पत्र ले जाने की आवश्यकता होगी, जो 72 घंटे से अधिक पहले जारी नहीं किए गए हैं।
-पर्यटकों को पांच दिन होटल में गुजारने होंगे। इसके बाद वे पर्यटन के लिए जा सकते हैं।
-पर्यटकों को तीसरे दिन से ही तीर्थन में मछली पकडऩे जाने की अनुमति होगी।
-पर्यटकों को सार्वजनिक वाहन जैसे रिक्शा-टैक्सियों में यात्रा करने की अनुमति नहीं दी गई है।
-10 दिन की बुकिंग नियम के अलावा, पर्यटकों को अपने वाहनों से आना होगा। वॉक-इन पर्यटकों की बुकिंग नहीं की जाएगी। होटल में अधिकतम 50 प्रतिशत बुकिंग की जा सकती है।