केंद्र सरकार कृषि सुधार कानून लागू कर पंजाब की आवाज को दबाना चाहती है : सिद्धू

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अमृतसर। कृषि कानूनों के विरोध में पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू ने अपने निर्वाचन क्षेत्र पूर्वी विधानसभा के तहत आने वाली वल्ला सब्जी मंडी में एक किसान रैली को संबोधित किया। पंजाब विधानसभा चुनाव के लगभग साढ़े तीन वर्ष बाद सिद्धू ने अपने विधानसभा हलके में किसी जन रैली को संबोधित किया।

कृषि कानूनों को लेकर सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि सुधार कानून लागू कर पंजाब की आवाज को दबाना चाहती है। सिद्धू ने एक बार फिर अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर इस समस्या का समाधान कर सकती है। सिद्धू ने श्री गुरु नानक देव जी का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हल चलाने का संदेश दिया था।

अब लोग किसानों के खिलाफ साजिश रच रहे हैं। प्रदेश में जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, पंजाब के हालात क्यों खराब होने लगते हैं। सिद्धू ने किसानों, आढ़तियों व मजदूरों से कहा कि कुछ लोग अपनी नाकामी छिपाने के लिए उनको को गुमराह कर रहे हैं। ये ताकतें पंजाबियों को तोडऩे का प्रयास कर रही हैं।

प्रतिनिधि ने इस्तीफा दिया तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन होगा लागू

सिद्धू ने कहा कि किसानों द्वारा छेड़े गए आंदोलन के बाद पंजाब का हर युवा और किसान अपने चुने हुए प्रतिनिधियों की तरफ बड़ी उम्मीद से देख रहा है। ये प्रतिनिधि इस संकट से उन्हें कैसे बाहर निकालेंगे। उनका प्रतिनिधि खरा सोना निकलेगा या खोटा सिक्का।

सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिए बिना कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि अगर पीठ दिखा दें या इस्तीफा दे दें तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा। केंद्र सरकार पंजाब के चुने हुए प्रतिनिधियों से वही गलती करवाना चाहती है। पंजाब का बच्चा-बच्चा केंद्र सरकार के विरुद्ध खड़ा है। अब समय आ गया है, पंजाबियों को सही दिशा दिखाई जाए।

पंजाब के किसानों का मुनाफा बड़ी कंपनियों को देने की साजिश

सिद्धू ने कहा कि केंद्र का एजेंडा साफ है पहले कृषि सुधार कानून और अब पराली जलाने पर मोटा जुर्माना, जबकि कुछ बड़े घरानों को पांच लाख करोड़ रुपये तक सरकार टैक्स छोड़ देती हैं। लगता है कि केंद्र सरकार पंजाब सरकार से बदला लेने के लिए यह कर रही हैं। लेकिन किसानों का गुस्सा केंद्र सरकार को उलट देगा।
 
केंद्र सरकार यह कानून चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए लाई है। पंजाब के किसानों का मुनाफा बड़ी कंपनियों को देने की साजिश रची जा रही है। केंद्र सरकार किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करना चाहती है। देश के खाद्यान्न भंडार को भरने वाले पंजाब के किसानों को यह कानून खोखला कर देगा ।