मुख्यमंत्री ने डूंगरपुर-उदयपुर की स्थिति की समीक्षा की

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  • प्रदर्शनकारियों से शांति और कानून-व्यवस्था भंग नहीं करने की अपील
  • न्यायोचित मांगों पर विचार के लिए सरकार हर समय तैयार: मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उदयपुर एवं डूंगरपुर जिलों में हिंसक प्रदर्शनों की स्थिति पर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था को भंग नहीं करने की अपील की है।

गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा, मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, पुलिस महानिदेशक अपराध एम.एल. लाठर सहित अधिकारियों के साथ लगातार बैठकों के माध्यम से हिंसा-प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री के साथ उच्च-स्तरीय बैठकों में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इन्टेलीजेन्स उमेश मिश्रा एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था श्री सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत कर स्थिति को नियंत्रण में रखने तथा कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस महानिदेशक लाठर, पुलिस आयुक्त जयपुर श्री आनन्द श्रीवास्तव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्री एम.एन. दिनेश सहित अन्य अधिकारियों को रात्रि में ही हेलीकॉप्टर से डूंगरपुर भेजा गया है।

गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर वर्ग के हितों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है तथा समाज के किसी भी वर्ग की कानून-सम्मत एवं न्यायोचित मांगों पर विचार करने तथा संवाद के लिए हर समय तैयार है।

उन्होंने टीएसपी क्षेत्र के विद्यार्थियों एवं नौजवानों से अपील की है कि वे हिंसा को छोडं़े और सरकार के समक्ष अपनी बात रखने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यह दायित्व है कि सभी वर्गाें को साथ लेकर चले और किसी भी कीमत पर प्रदेश में शांति और सौहार्द के माहौल में कानून-व्यवस्था को बनाए रखे।