कांग्रेस ने जयपुर में महापौर उम्मीदवार के रूप में हैरिटेज से मुनेश गुर्जर और ग्रेटर से दिव्या सिंह को उतारा

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जयुपर। जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतार दिए है। नगर निगम ग्रेटर से दिव्या सिंह और हैरिटेज से मुनेश गुर्जर का नाम फाइनल किया है। ऐसे में कांग्रेस ने दोनों ही सीटों पर गुर्जर कार्ड पर दाव खेला है।

नगर निगम हैरिटेज की बात करें तो यहां 100 वार्डों में से कांग्रेस के पास 47 पार्षद है और वह 8 निर्दलीय अपने पास होने का दावा कर रही है। इस तरह के पास बहुमत के आंकड़े 51 से 4 अधिक पार्षद हो गए।

जबकि नगर निगम ग्रेटर में 150 वार्डों में से कांग्रेस के पास 49 ही पार्षद है। यहां जो बहुमत के आंकड़े से 27 अंक कम है। अगर कांग्रेस यहां से जीतकर आए 13 निर्दलीयों को भी मिला ले तो भी कांग्रेस को बहुमत पाने के लिए 14 पार्षदों की और जरूरत पड़ेगी। ऐसे में संभावना है कि ग्रेटर से कांग्रेस का जीतना मुश्किल है। ग्रेटर में भाजपा के पास 88 सीटें है।

12वीं पास है मुनेश, ऑक्सफोर्ड में पड़ी है दिव्या

31 वर्षीय मुनेश जयपुर में शांतिनगर आदर्श कॉलोनी हटवाड़ा रोड की रहने वाली है। इनके व्यक्तिगत जीवन पर नजर डाले तो वे 12वीं पास है और खुद छोटे बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन पड़ाती है। राजनीति जीवन की शुरूआत उन्होंने साल 2009 में पार्षद का चुनाव लड़कर की थी। मुनेश 2009 से 2014 तक नगर निगम बोर्ड में वार्ड 28 से पार्षद रही थी और उस दौरान उन्हे उद्यान समिति का चैयरमेन भी बनाया था।

हालांकि इन सबके अलावा इनके परिवार से कांग्रेस या अन्य राजनीति से कोई लेना देना नहीं रहा है। जबकि 27 साल की दिव्या की बात करें तो वह जयपुर में सांगानेर सीटीएस बस स्टेण्ड के नजदीक की रहने वाली है।

वह लंदन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में डिप्लोमा कर चुकी है और राजस्थान विश्वविद्यालय से बी.कॉम किया है। दिव्या के राजनीतिक जीवन की बात करें तो वह कभी चुनाव नहीं लड़ी है।

लेकिन उनके पिता संजय सिंह कांग्रेस में कई पदों पर रहे है और आज भी सक्रिय है। संजय सिंह एक बार साल 2013 में विधानसभा लड़ चुके है। वहीं साल 2004 में लोकसभा का चुनाव लड़ भी चुके है और एआईसीसी के सदस्य भी रह चुके है।

जनरल सीट से चुनाव जीतकर आई है दोनों प्रत्याशी

हाल ही में हुए चुनावों में मुनेश वार्ड 43 जो कि जनरल सीट थी वहां से जीतकर पार्षद बनी है। उन्होने भाजपा के वीरेन्द्र सिंह सोलंकी को 1583 वोटों से हराया था। वहीं दिव्या सिंह भी वार्ड 93 जो कि जनरल है वहां से जीती है। दिव्या ने भाजपा के प्रेमचंद को 794 वोटों से हराया था।