अधिगम अक्षमता पीड़ित बच्चों की समस्याओं पर तैयार फिल्म ‘बी फॉर डॉल’ के पोस्टर का लोकार्पण

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दिव्यांगों को अवसर मिलें तो छू सकते हैं आकाश: राज्यपाल

जयपुर। राज्यपाल कलराज मिश्र ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगता दिवस पर प्रदेशवासियां को शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि दिव्यांगता अभिशाप नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि दिव्यांगों को अवसर मिलते हैं तो वे भी सामान्य से अधिक क्षमता से कार्य कर दिखा सकते हैं और आकाश जैसी ऊंचाइयां हासिल कर सकते हैं। राज्यपाल ने कहा कि लुई ब्रेल, हेलन केलर, वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिग आदि बहुत से ऎसे उदाहरण हैं जिन्होंने शारीरिक या मानसिक व्याधियों की परवाह नहीें करते हुए समाज के लिए विरल योगदान दिया।

मिश्र ने शुक्रवार को यहां राजभवन में ख्यातनाम मनोचिकित्सक डॉ. शिव गौतम के नेतृत्व में आए मनोचिकित्सकों एवं मानसिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। राज्यपाल ने इस दौरान अधिगम अक्षमता पीड़ित बच्चों की समस्याओं एवं उनके समाधान पर डॉ. मनीषा गौड़ द्वारा तैयार शॉर्ट फिल्म ‘बी फॉर डॉल’ का अवलोकन किया तथा पोस्टर का लोकार्पण भी किया।

राज्यपाल ने डिस्लेक्सिया, डिस्ग्राफिया और डिस्कैलकुलिया जैसी अधिगम अक्षमताओं से पीड़ित बच्चों की समस्याओं को संवेदनशील तरीके से दर्शाने के लिए फिल्म की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की समस्याओं पर सही तरीके से ध्यान दिया जाए तो ये भी अपनी प्रतिभा के दम पर उल्लेखनीय स्थान बना सकते हैं। इस मौके पर राज्यपाल के सचिव सुबीर कुमार, प्रमुख विशेषाधिकारी गोविन्दराम जायसवाल भी उपस्थित रहे।