ग्रीन एनर्जी के लिए घरेलू रुफटॉप सोलर को दिया जाएगा बढ़ावा : अग्रवाल

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अनुदान के लिए 31 अगस्त तक आवेदन

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस व सीएमडी आरआरईसी डा. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि घरेलू रुफटॉप सोलर संयत्रों की स्थापना के लिए अब विभागीय वेबसाइट पर 31अगस्त, 21 तक आवेदन किया जा सकता है।

अनुदानित रुफटॉप सोलर संयत्र की स्थापना 17 सितंबर, 21 तक की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने और आमनागरिकों को घरेलू रुफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के सीएमडी डा. सुबोध अग्रवाल ने विभागीय अधिकारियों की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना लाकडाउन के कारण अनुदान अवधि को बढ़ाया गया है ताकि अधिक से अधिक नागरिक लाभ उठा सके।

राज्य में रिन्यूवल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए रुफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए 3 किलोवाट तक 40 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे अधिक अधिकतम 10 किलोवाट के रुफटॉप प्लांट लगाने पर 3 किलोवाट तक 40 प्रतिशत और उससे अधिक पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ग्रुफ हाउसिंग सोसायटी और रेजिडेंसियल वेल्फेयर एसोसिएशन सोसायटी में रुफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए भी अनुदान की सुविधा है और 20 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेजिडेंसियल क्षेत्र में अधिकतम 10 किलोवाट के रुफटॉप सोलर प्लांट के लिए अनुदान दिया जा रहा है।

डा. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में रुफटॉप सोलर प्लांट कार्यक्रम के तहत 45 मेगावाट क्षमता के प्लांट स्थापित करने का कार्यक्रम है जिसमें जयपुर डिस्काम 25 मेगावाट, अजमेर डिस्काम 5 मेगावाट और जोधपुर डिस्काम में 15 मेगावाट घरेलू रुफटॉप सोलर प्लांट लगाने के कार्यक्रम में से अभी तक 30 मेगावाट क्षमता के 4500 से अधिक रुफटॉप संयत्र स्थापित करने की स्वीकृति जारी की जा चुकी है।

एसीएस डा. अग्रवाल ने बताया कि राज्य में अब तक कुल 470 मेगावाट क्षमता के घरेलू, औद्योगिक, संस्थानिक एवम् अन्य क्षेत्र में रुफटॉप सोलर प्लांट स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमलोगों को रुफटॉप सोलर प्लांट के लाभों की जानकारी देने के साथ ही सरकार द्वारा देय अनुदान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के समन्वित प्रयास करने होंगे।

उन्होंने बताया कि घरेलू रुफटॉप सोलर प्लांट से जहां घरेलू छत का ही बिजली उत्पादन में उपयोग हो पाता है वहीं विद्युत लागत में कमी आती है। लाभार्थियों को सरकार प्लांट स्थापित करने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, बिजली का बिल कम हो जाता है और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलता है।

गौरतलब है कि घरेलू रुफटॉप सोलर प्लांट आसानी से छत पर स्थापित किया जा सकता है और उससे छत पर किसी तरह का अवरोध भी नहीं होता और उसके प्लांट के नीचे के स्थान को बागवानी व अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। इसके साथ ही राजस्थान के सभी हिस्सों में रुफटॉप सोलर के अनुकूल स्थितियां होने से इसका अधिक से अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

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