कांस्टीट्यूशन क्लब पर अपनी खीज निकाल रहे हैं डोटासरा : राठौड़

राजेंद्र राठौड़
राजेंद्र राठौड़

जोधपुर। कांस्टीट्यूशन क्लब के आठ मार्च को शुभारंभ को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा बीजेपी को आड़े हाथ लिए जाने को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा कि डोटासरा कांस्टीट्यूशन क्लब को लेकर अपनी खीज निकाल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के समय कांस्टीट्यूशन क्लब बन गया था, लेकिन इसे चलाने वाले एजेंसी नहीं थी। अब विधिवत रूप से इसे शुरू किया जा रहा है। ऐसे में उनको इस मौके पर आना चाहिए। केवल खीज मिटाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। राठौड़ गुरुवार को जोधपुर में प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में दो गुटों में संघर्ष चल रहा है। सभी जानते हैं कि कांग्रेस में उनकी और नेता प्रतिपक्ष की गुटबाजी चल रही है। विधानसभा में उनके बोलने से गतिरोध बना। गतिरोध समाप्त होने के बाद आज तक वे विधानसभा क्यों नहीं आए? चूरू सांसद राहुल कस्वा के राठौड़ के चलते भाजपा छोडऩे के बयान पर उन्होंने कहा कि उनके परिवार को 11 बार पार्टी ने टिकट दिया। एक बार टिकट कटा, तो वह पार्टी छोडक़र चले गए। उस पार्टी में गए जिसको लेकर कभी कहते थे कि मेरा नाम भी राहुल है और कांग्रेस का नेता भी राहुल गांधी है। मुझे इससे शर्म आती है। वो पीठ में खंजर मारकर सामने चले गए और कहते हैं मेरे कारण पार्टी छोड़ी। यह अवसरवादिता है।

एसआई भर्ती पर स्थिति साफ हो

सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राठौड़ ने कहा कि मैं खुद व्यक्तिगत रूप से चाहता हूं कि इस भर्ती पर अनिर्णय की स्थिति जल्दी साफ हो। मैं खुद इसको लेकर सीएम से बात करूंगा कि सरकार जल्द इस पर निर्णय ले। मंत्री मंडल समिति ने भी अनुशंसा कर रखी है। सरकार ने हाईकोर्ट में भी कहा है कि इस पर जल्दी निर्णय होगा।

भ्रम फैला रहे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री

जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन की चिंता को निराधार करार देते हुए कहा कि यह तय है कि लोकसभा और विधानसभा परिसीमन जनगणना पूरी होने के बाद किया जाएगा। ऐसे में स्टालिन के बयान सिर्फ भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। लोकसभा क्षेत्रों का परिसीमन बरसों से लंबित है, जो अब होना ही चाहिए।

विकास की छलांग लगाने को तैयार

राजस्थान के बजट पर राठौड़ ने कहा कि प्रदेश की जीडीपी बढ़ रही है जो विकास और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। गत सरकार के अंतिम बजट और भजनलाल सरकार के पहले बजट से 17 फीसदी जीडीपी ज्यादा थी। इस बार के बजट का अनुमान 16 फीसदी अधिक है, जो बताता है कि राजस्थान में किसान प्रगति पर है। हमारे उद्योग कारखानों में अच्छा उत्पादन हो रहा है। इस बजट को कृषि बजट कहा जा सकता है। कुल बजट में कृषि बजट की राशि 12 फीसदी से अधिक है। जो गहलोत सरकार के प्रावधान से 16 फीसदी अधिक है। राजस्थान ट्रेड पॉलिसी और युवा नीति भी लाभदायक होगी। यह बताता है कि राजस्थान कृषि, ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाने की तैयारी है।