टोंक: कोरोना महामारी में भी झूठी शिकायतों से बाज नहीं आ रहे है लोग

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टोंक। एक ओर भारत सहित पूरे विश्व में कोरोना की महामारी से बचाव के उपाय किये जा रहे है जिसके लिए लोगों को लॉक डाउन किया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान आम नागरिकों की आवश्यक सुविधाओं का विशेषतः खाने का ध्यान रखा जा रहा है।

कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है। प्रभावी कार्यवाही के लिए अधिकारियों एंव कर्मचारियों के आठ दल त्वरित जांच कर परिवाद निस्तारण एंव पात्र व्यक्ति को तुरन्त रिलीफ दिये जाने हेतु लगाये गये है।

उपखण्ड अधिकारी के नेत्रत्व में पूरे शहर में भूखे नहीं सोये इस कर्तव्य को निभाने के लिए पूरी टीम तत्परता से कार्य कर रही है।

टोंक में कोरोना जैसी महामारी में झूठी शिकायतें जारी

इसी कडी में जांच करने पर कुछ मामले ऐसे आये जो बेहद चौकाने वाले है। हरिराम पुत्र लालाराम बैरवा निवासी ग्राम चेतनपुरा लाम्बा तहसील टोंक ने मुख्यमंत्री हैल्प लाईन पर एक शिकायत इस आशय की कि वह कई दिनों से भूखा है उसके खाने की व्यवस्था की जावे।

जांच करने पर पाया कि वह कारीगर का काम करता है। उसके घर में 6 बोरी सारसों, दो मोटरसाईकल, एंव राजस्व रिकार्ड में 4 बीघा से अधिक भूमि खातेदारी में है। वह व्यक्ति भूखा नहीं है उसके घर पर पर्याप्त खाद्य सामग्री उपलब्ध है परिवार में चार सदस्य है।

एैसा ही एक मामला ग्राम पंचायत घांस में भी देखने में आया कि ग्राम खलीलपुरा पापडा निवासी शिकायतकर्ता श्री किशनलाल गुर्जर के पास जमीन, पक्का मकान एंव घर में ट्रेक्टर सहित पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री पायी गयी।

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इस प्रकार यह देखने में आया है कि कोरोना जैसी महामारी में भी लोग झूठी शिकायतें करने से बाज नहीं आ रहे है।

जबकि प्रशासन पूरी जिम्मेदारी से राज्य सरकार की मंशा ‘‘कोई भूखा नहीं रहे’’ को पूरा करने में पूर्ण लगन एंव निष्ठा से कार्यरत है।

टोंक उपखण्ड मुख्यालय पर रोजाना परिवाद प्राप्त हो रहे है

टोंक उपखण्ड मुख्यालय पर विभिन्न माध्यमों से रोजाना परिवाद प्राप्त हो रहे है जिनकी जांच कर उसी दिन निस्तारण किया जा रहा है।