
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर भारत के संविधान को बदलने की योजना बनाने का आरोप लगाया है। एक मीडिया साक्षात्कार में, यादव ने कथित तौर पर कहा, “भाजपा नेता कह रहे हैं कि वे संविधान बदल देंगे,” उन्होंने कहा, “जो कोई भी ऐसा करने की कोशिश करेगा, गरीब और दलित उनकी आंखें निकाल लेंगे।” उन्होंने दावा किया कि बीजेपी में बेचैनी है। वे जानते हैं कि वे हार रहे हैं।
वे लोगों का मनोबल गिराने के लिए ‘400 पार’ कह रहे हैं।’ उनकी पार्टी के नेता लगातार कह रहे हैं कि वे संविधान बदल देंगे, यह संविधान डॉ. बीआर अंबेडकर ने बनाया है, जो भी इसे बदलने की कोशिश करेगा, देश के गरीब, दलित और पिछड़े उनकी आंखें निकाल लेंगे। राजद सुप्रीमो ने कहा कि देश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। वे देश में तानाशाही लाना चाहते हैं और संविधान बदलने का मतलब लोकतंत्र बदलना है।
बीजेपी और नरेंद्र मोदी को याद रखना चाहिए कि पहले मोहन भागवत ने आरक्षण की समीक्षा करने की बात की थी और देश की जनता ने उनकी मंशा का जवाब दिया। विपक्ष ने बीजेपी के खिलाफ एक ही सुर में कहा कि वे संविधान को बदलने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस ने बीजेपी के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र को ‘संविधान बदलो पत्र’ करार दिया है।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा‘‘भाजपा के वरिष्ठ नेता लगातार संविधान बदलने की बात कर रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री और इनके शीर्ष नेता इन पर कुछ कारवाई करने की बजाय, उन्हें ईनाम स्वरूप चुनाव लड़वा रहे है।
’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ये भाजपा वाले चाहते क्या हैं? इन्हें संविधान, दलितों, पिछड़ों, आदिवासियों और ग़रीबों से समस्या क्या है ?’’ राजद सुप्रीमों की यह प्रतिक्रिया अयोध्या के मौजूदा सांसद लल्लू सिंह की एक टिप्पणी की पृष्ठभूमि में आई। सिंह ने बाद में जबान फिसलने का दावा करते हुएअपना बयान वापस ले लिया था।