कोटड़ी भट्टी कांड :दोनों दरिंदों को फांसी की सजा

कोटड़ी भट्टी कांड
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9 महीने के अंदर मिला इंसाफ

भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में कोटड़ी भट्टी कांड में 9 महीने बाद सोमवार को पोक्सो कोर्ट ने इंसाफ दे दिया। कोर्ट ने दोनों दरिंदों कालू और कान्हा को दोषी मानते हुए को फांसी की सजा सुनाई। बता दें, पुलिस ने इस केस में 9 लोगों को आरोपी बनाया था। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने कालू और कान्हा को दोषी करार देते हुए बाकियों को बरी कर दिया था।

पीड़िता के मां-बाप कोर्ट में रो पड़े

कोर्ट ने दो सगे भाइयों को साढ़े नौ माह की सुनवाई के बाद दोषी ठहराया था। हत्या, गैंगरेप, साक्ष्य मिटाने, पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में सजा पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां और पिता कोर्ट रूम में फफक-फफक कर रो पड़े थे। उन्होंने जज से कहा यह बेटी आपकी है। आप इनको फांसी की सजा सुनाएं।

कोटड़ी भट्टी कांड
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क्या था कोटड़ा भट्टी कांड?

साल 2023 के अगस्त में भीलवाड़ा में एक दिल दहलाने वारदात को अंजाम दिया गया था। 2 अगस्त, 2023 को एक बच्ची खेत में बकरियां चराने गई थी। वहां दो लड़कों (कालू और कान्हा) ने बच्ची का गैंगरेप किया। उसके बाद बच्ची को कोयले की भट्टी में डाल कर जिंदा जला दिया। इतना ही नहीं बच्ची के जो अंग नहीं जल पाए थे, दरिंदों ने उन्हें पास के तालाब में फेंक दिया था। बच्ची की तलाश की जाने लगी तो पुलिस को कोयले की भट्टी में से उसका जला हुआ शव मिला था। पुलिस ने तालाब से भी बच्ची के कुछ अंग बरामद किए थे। पुलिस को शक तब हुआ जब भट्टी के कुछ दूर ही बच्ची की चप्पल मिली थी। इस मामले में 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा चला था। कोर्ट में काफी समय तक सुनवाई चली, जिसके बाद 9 लोगों को बरी कर दिया गया और कालू और कान्हा को मुख्य दोषी पाया गया। इसके बाद सोमवार 20 मई 2024 को मामले में सजा पर फैसला सुनाया गया।

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