अब बचे सिर्फ 6 जिले…मार्च 2026 के बाद इतिहास बन जाएगा नक्सलवाद? अमित शाह का एक और ऐलान

गृह मंत्री अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह

नई दिल्ली। नक्सलवाद अब 2026 के बाद इतिहास बनकर रह जाएगा। नक्सलवाद प्रभावित जिलों की संख्या बी घटकर अब 6 रह गई है। ये जानकारी देश के गृह मंत्री अमित शाह ने खुद दी है। एक्स पर एक पोस्ट में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, आज हमारे देश ने वामपंथी उग्रवाद से सबसे अधिक प्रभावित जिलों की संख्या को 12 से घटाकर मात्र 6 कर एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। मोदी सरकार नक्सलवाद के प्रति निर्मम दृष्टिकोण और सर्वव्यापी विकास के लिए अथक प्रयासों के साथ सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत का निर्माण कर रही है। भारत 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

बीजापुर में 13 माओवादी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने 13 माओवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षाबलों ने उसूर थाना क्षेत्र में सात माओवादियों को तथा बासागुड़ा थाना क्षेत्र में छह माओवादियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जिले में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के तहत उसूर थाना क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दल को टेकमेटला गांव की ओर रवाना किया गया था जहां उन्होंने घेराबंदी कर सात नक्सलियों–बामन माड़वी (32), सोढ़ी हिड़मा (30), बारसे अंदा (18), बारसे हड़मा (20), देवेन्द्र रवा (19), इरपा अर्जुन (30) और सुक्का ओयाम (27) को गिरफ्तार किया।

दंतेवाड़ा मुठभेड़ में 45 लाख की इनामी नक्सली ढेर

दंतेवाड़ा जिले में सुरक्षाबलों ने 45 लाख रुपये की इनामी एक महिला नक्सली को मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी की सदस्य गुम्माडिवेली रेणुका उर्फ भानु उर्फ चैते उर्फ सिरस्वती उर्फ दमयन्ती को मार गिराया है। रेणुका के सिर पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम था।

उग्रवाद प्रभावित जिले की संख्या

केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिले वे हैं जहां नक्सली गतिविधियां एवं हिंसा अब भी जारी है। एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों को सबसे अधिक प्रभावित जिले’ के रूप में उप-वर्गीकृत किया गया है। यह 2015 में लायी गई शब्दावली है। इसके अलावा एक उप वर्ग ‘ऐसे जिले हैं जहां चिंता है। यह उप श्रेणी 2021 में बनायी गई थी। पिछली समीक्षा के अनुसार ‘सर्वाधिक प्रभावित जिले’ 12 थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 2015 में ऐसे 35 जिले, 2018 में 30 जिले और 2021 में 25 जिले थे।