सऊदी अरब को मनाने की तैयारी में पाकिस्तान

14

नई दिल्ली। पाकिस्तान के आर्थिक हालात खराब है। ऐसे में वो अब अपने पुराने दोस्तों से फिर से कर्ज लेने और उन देशों से संबंध बनाने में लग गया है। इसको लेकर सेना प्रमुखों के अलावा अन्य राजनयिकों को इसकी जिम्मेदारी दे दी गई है। इसी सिलसिले में अब पाकिस्तान के सेना प्रमुख के अलावा अन्य राजनेता दूसरे देशों से इसके बारे में संपर्क साधने में जुट गए हैं। सबसे पहले सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा इसी माह के अंत में सऊदी अरब के दौरे पर जाएंगे। ये दौरा कश्मीर पर कूटनीतिक तनाव को शांत करने और वित्तीय सहायता के लिए अहम मानी जा रही है।

कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब के कुछ न बोलने पर दिया था बयान

दरअसल कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की ओर से बयान दिया गया था कि कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं वो पाकिस्तान के साथ नहीं खड़ा है। इस तरह की बयानबाजी सामने आने के बाद सऊदी अरब ने पाकिस्तान पर नाराजगी जाहिर की थी। दो दिन पहले कश्मीर मुद्दे पर आर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज (ओआइसी) को दो-फाड़ कर देने की धमकी देना भी पाकिस्तान को महंगा पड़ गया है।

सऊदी अरब ने दिया है 46 हजार करोड़ अरब डॉलर का कर्ज

सऊदी अरब ने पाकिस्तान को उधार में तेल देना बंद कर दिया है। पाकिस्तान अब गिड़गिड़ा रहा है लेकिन सऊदी अरब अब कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। बता दें कि आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान ने दिवालिया होने से बचने के लिए साल 2018 में सऊदी अरब से 6.2 अरब डॉलर का कर्ज लिया था।कश्मीर मुद्दे से पहले तक दोनों देश पारंपरिक तौर पर करीबी माने जाते रहे, इसी वजह से साल 2018 में सऊदी ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का कर्ज दिया था और 3.2 अरब डॉलर ऑयल क्रेडिट का ऐलान किया था। लेकिन पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे पर उसकी आलोचना से चिढ़ गया।

पाकिस्तान की हालत खस्ता

पाकिस्तान के एक करोड़ श्रमिक सऊदी अरब में काम करते हैं। ऐसे में यदि सऊदी अरब पाकिस्तान पर सख्त हो जाता है तो उसके लिए मुश्किलें और बढ़ जाएगी। इसी के साथ सऊदी अरब जाकर कमाने वाले लोगों पर भी इसका असर पडऩा तय है। बीते साल इस्लामाबाद मुस्लिम देशों के मंच से सऊदी अरब के दबाव में अंतिम समय में शामिल होने से पीछे हट गया था। ऐसा माना जा रहा था एक यह मंच ओआईसी के नेतृत्व को चुनौती देने के प्रयास के रूप में बना है। पाकिस्तान सेना के एक अधिकारी और सरकार के सलाहकार का कहना है कि कुरैशी के बयान ने रियाद के गुस्से को दोबारा भड़का दिया है।

यह भी पढ़ें-कोरोना की वैक्सीन रजिस्टर करने वाला रूस दुनिया का पहला देश बना

डैमेज कंट्रोल करने सऊदी अरब जाएंगे बाजवा

अब इस डैमेज को कंट्रोल करने के लिए पाकिस्तान कदम उठा रहा है। पाकिस्तान सेना के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने ही सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को सऊदी जाने के लिए प्रेरित किया है। जिससे सऊदी अरब से और कर्ज मिल सके और पाकिस्तान का आर्थिक संकट दूर हो सके। पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने भी इस बात की सहमति जताई है कि जनरल बाजवा सऊदी अरब की यात्रा कर रहे हैं।