केंद्रीय गृह मंत्री श्री. अमित शाह 12 से 14 फरवरी तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आईपीजीए के ‘द पल्सेस कॉन्क्लेव (टीपीसी) २०२५’ का करेंगे उद्घाटन

अमित शाह
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जिसका विषय ‘समृद्धि के लिए दलहन – पोषण के साथ स्थिरता’ है। दालों के व्यापार, स्थिरता और आत्मनिर्भरता के भविष्य को आकार देने के लिए सातवां संस्करण।

जयपुर । “समृद्धि के लिए दालें – स्थिरता के साथ पोषण” थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए भारत के दालों के उत्पादन को बढ़ाने की रणनीतियों, स्थिर व्यापार वातावरण के लिए नीतिगत ढांचे, दक्षता में सुधार के लिए तकनीकी प्रगति, वैश्विक बाजार के रुझान, मूल्यवर्धित उत्पादों पर जोर दिया जाएगा।आईपीजीए का प्रमुख द्विवार्षिक कार्यक्रम, द पल्सेस कॉन्क्लेव (टीपीसी), दालों के क्षेत्र को समर्पित दुनिया का सबसे बड़ा सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी है। पिछले संस्करणों में 30 से अधिक देशों की भागीदारी देखी गई है, और टीपीसी 2025 में 800 से अधिक प्रतिनिधियों के आने की उम्मीद है। कॉन्क्लेव उन प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो दालों के क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इनमें घरेलू उत्पादन और बढ़ती दालों की खपत के बीच की खाई को पाटना, दालों के उत्पादन में भारत की आत्मनिर्भरता (आत्मनिर्भर भारत) को आगे बढ़ाना और वैश्विक खाद्य और पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए टिकाऊ कृषि प्रथाओं को बढ़ाना शामिल है। इस आयोजन और विश्व दलहन दिवस 2025 के बारे में बोलते हुए, भारत दलहन एवं अनाज संघ (आईपीजीए) के अध्यक्ष, श्री बिमल कोठारी ने कहा, “विश्व दलहन दिवस 2025, जिसका विषय ‘दालें: कृषि खाद्य प्रणालियों में विविधता लाना’ है, वैश्विक पोषण को बढ़ाने, स्थिरता को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में दालों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।

दालें न केवल पौधे-आधारित प्रोटीन का एक समृद्ध स्रोत हैं, बल्कि टिकाऊ कृषि, मिट्टी की उर्वरता में सुधार और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने का एक प्रमुख चालक भी हैं। जैसे-जैसे भारत दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, घरेलू खेती को मजबूत करना, मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ाना और उपभोक्ता जागरूकता को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।13 फरवरी को उद्घाटन सत्र में भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के साथ-साथ भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्री, नीति निर्माता, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधि और उद्योग जगत के नेता शामिल होंगे।

इसमें भाग लेने वाले अन्य प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में उपभोक्ता मामलों के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री प्रहलाद जोशी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के माननीय कैबिनेट मंत्री श्री चिराग पासवान, महाराष्ट्र राज्य के विपणन एवं प्रोटोकॉल मंत्री श्री जयकुमार रावल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के माननीय सचिव श्री देवेश चतुर्वेदी, उपभोक्ता मामलों के विभाग की माननीय सचिव श्रीमती निधि खरे और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के माननीय सचिव श्री सुब्रत गुप्ता शामिल हैं। सत्र की शुरुआत आईपीजीए के अध्यक्ष बिमल कोठारी के भाषण से होगी, जिसके बाद ग्लोबल पल्स कन्फेडरेशन के अध्यक्ष विजय अयंगर अपने विचार रखेंगे।