
चैत्र नवरात्रि नौ दिनों का हिंदू त्योहार है जो देवी दुर्गा और उनके नौ दिव्य रूपों की पूजा के लिए समर्पित है। जिन्हें नवदुर्गा के नाम से भी जाना जाता है। यह हिंदू महीने चैत्र (मार्च-अप्रैल) में मनाया जाता है, जो हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। कल यानी के चैत्र माह की नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरु हो रही है और रविवार से 7 अप्रैल 2025, सोमवार तक रहेगी। अगर आप भी माता रानी को प्रसन्न करना चाहते हैं और मां दुर्गा की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो आप इन उपायों को जरुर करें।
चैत्र नवरात्रि के नौ दिन के नौ उपाय करें
इस दिन आप कपूर का अचूक उपाय से घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और शुभ फल प्राप्त करने के लिए बेहद प्रभावी है। एक बर्तन लें उसमें पानी भरकर उसमें कपूर की टिकियां डालें और इसे उबालने दें। कपूर का धुआ निकालने के बाद, इसे घर के मुख्य द्वार पर फैलने दें। इस समय आप माता रानी के मंत्र का जाप कर सकते हैं। ऐसा करने से घर में सकारात्मक बढ़ेगी और नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाएगी।
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन का उपाय
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन एक तेजपत्ता लें और उस पर ‘ॐ दुर्गाय नमः’ मंत्र को लिख दीजिए। फिर इस तेजपत्ते को घर के पूजा स्थल में रख दीजिए। अब इस तेजरपत्ते को घर के पूजा स्थल में रखें और किसी धार्मिक स्थान पर रखें। ऐसा करने से घर में समृद्धि का वास होता है। घर से पारिवारिक कलेश दूर होते हैं।
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन का उपाय
तिल का उपाय करने से ग्रह दोष और बाधाओं को दूर करने करने के लिए किया जाता है। काले तिल के 7 दाने लेकर उन्हें सरसों के तेल में डालकर किसी पीपल के वृक्ष के नीचे रखें। इस दौरान ‘ॐ शनि देवाय नमः’ और मां दुर्गा के बीज मंत्र का जाप करें। यह उपाय शनिदोष को दूर करता है और शनि ग्रह के दुष्प्रभावों से मुक्ति दिलाता है। साढ़े साती और ढैय्या में भी राहत मिलती है। इसको आप शनिवार को भी कर सकते हो।
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन का उपाय
नवरात्रि के चौथे दिन सरसों का यह अचूक उपाय कर सकते हैं। शनि ग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए किया जाता है। सबसे पहले आप 7 मुट्ठी सरसों लेकर उसे किसी पीपल के वृक्ष के नीचे रखें और शनि स्तोत्र एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। फिर सरसों को वहां छोड़ दें और तांबे के बर्तन में तेल चढ़ाएं। यह उपाय शनि दोष को शांत करता है, साथ ही जीवन में सुखद और शुभ परिणाम लाने में मदद करता है।
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन का उपाय
गेंदे के फूल का अचूक उपाय कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक ताजा गेंदा के फूल धार्मिक स्थल पर चढ़ाना है और मां दुर्गा के मंत्र का जाप करें। इस फूल को अपने घर के पूजा स्थल या मंदिर में रखें। यह उपाय करने से आपके सफलता के मार्ग खुल जाएंगे।
चैत्र नवरात्रि के छठे दिन का उपाय
इस दिन आप काजल का अचूक उपाय कर सकते हैं। इससे आपको बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए उपाय किया जाता है। सबसे पहले आप एक काजल का छोटा सा डिब्बा लेने के बाद उसे पूजा स्थल पर रख दें और फिर इसका नियमित रुप से उपायोग करें। अगर आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं, तो काजल से अपनी आंखो पर लगा सकते हैं या फिर बिंदी लगा सकते हैं। यह बुरी नजर को दूर करेगा।
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन का उपाय
लाल वस्त्र का उपाय सातवें दिन जरुर करें। इस उपाय को करने से प्रेम, समृद्धि और उन्नति के लिए किया जाता है। एक नया कपड़ा लें उसे अपनी पूजा स्थल पर रख दीजिए। बाद में इस लाल वस्त्र को अपने पास रखें या अपने विस्तर के नीचे रख दें। ऐसा करने से वैवाहिक जीवन के क्लेश को दूर करता है और आपसी संबंधों को मजबूत बनाता है।
चैत्र नवरात्रि के आठवा दिन का उपाय
जीवन में सुख-शांति और समृद्धि लाने के लिए कुमकुम का अचूक उपाय कर सकते हैं। कुमकुम की एक छोटी सी टिकिया लेकर उसे माता लक्ष्मी के चित्र या मूर्ति पर चढ़ाएं। आप चाहे तो कुमकुम को अपने माथे पर तिलक के तौर पर लगा सकते हैं। ऐसा करने से सुहाग की रक्षा करता है और आने वाले संकटों को टालने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
चैत्र नवरात्रि के नौवे दिन का उपाय
नारियल के उपाय से मां दुर्गा को खुश कर सकते हैं। सबसे पहले आप साबुत नारियल लें और उसे सिर से सात बार घुमा कर शिव मंदिर में चढ़ाएं। इस उपाय के करने से शनि, राहु और केतु के दुष्प्रभाव कम होते हैं, इसके साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्राप्त होती है।