राहुल गांधी समेत करीब 15 विपक्षी दलों ने संसद से विजय चौक तक पैदल मार्च निकाला

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मानसून सत्र खत्म होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत करीब 15 विपक्षी दलों ने संसद से विजय चौक तक पैदल मार्च निकाला। पूरे मानसून सत्र के दौरान पेगासस, किसान जैसे मुद्दों पर लगातार हंगामा कर रहे विपक्ष ने सरकार पर लोकतंत्र की मर्यादा भंग करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने कहा कि राज्यसभा में पहली बार सांसदों को पीटा गया। राहुल के अलावा शिवसेना, राकांपा, राजद, समाजवादी पार्टी, डीएमके व अन्य विपक्षी दलों ने कहा कि राज्यसभा में बुधवार को लोकतंत्र की हत्या कर दी गई।

कांग्रेस- राहुल गांधी ने कहा- मानसून सत्र खत्म हो गया है। हमने पेगासस का मुद्दा उठाया। सरकार से कहा कि इस पर बहस की जाए, पर सरकार ने डिबेट से मना कर दिया। हमें संसद में नहीं बोलने दिया गया। देश के 60 प्रतिशत लोगों की आवाज नहीं सुनी गई।

संसद में हमें नहीं सुना गया इसलिए हम लोग यहां आए हैं। राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई। उनसे धक्का-मुक्की की गई। प्रधानमंत्री मोदी देश और देश की आत्मा को बेच रहे हैं।

लोकसभा और राज्यसभा में लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्रवाई 13 अगस्त की बजाय 11 अगस्त को ही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में 28 प्रतिशत और लोकसभा में 22 प्रतिशत कामकाज हुआ। लोकसभा में 96 घंटे में से 74 घंटे बर्बाद हो गए।

मंगलवार को राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद प्रताप सिंह बाजवा और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह टेबल पर चढ़ गए थे। यही नहीं, बाजवा ने रूल बुक चेयर पर फेंक दी थी। हालांकि यह सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद हुआ। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर की बेअदबी होने से वे रातभर सो नहीं पाए।

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