
चंडीगढ़। चंडीगढ़ में बुधवार को होने वाले संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मोर्चा नेता बलबीर सिंह राजेवाल को देर रात 1।30 बजे हिरासत में ले लिया गया। कई जिलों में किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की गई और उनको हिरासत में लिया गया है। किसानों ने जगह-जगह पुलिस का विरोध किया। गौरतलब है कि सोमवार को मुख्यमंत्री मान और संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बेनतीजा रही थी। इसके बाद किसानों ने 5 मार्च को चंडीगढ़ कूच का ऐलान किया था। पुलिस कार्रवाई पर नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री मान पर तंज कसते हुए कहा, ‘महाराजा सतोज, अपना होश गवा बैठा, समां हुआ 5 बजे का, दिन-दहाड़े शराब ले बैठा’।
किसानों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
1 केंद्र सरकार किसान विरोधी व कॉरपोरेट समर्थक राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति वापस ले और एमएसपी की कानूनी गारंटी दे।
2 राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति को अस्वीकार करने वाले प्रस्ताव को सभी राज्य विधानसभाओं में पारित किया जाए।
3 किसान हितैषी कृषि नीति बनाई जाए और उसे तुरंत लागू किया जाए।
4 किसानों को उनकी जमीनों से बेदखल न किया जाए और उन्हें मालिकाना हक दिया जाए।
5 किसानों और मजदूरों के कर्ज माफी के लिए कानून बनाया जाए।
6 फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जाए और सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाए।
7 नदी और भूजल पर कॉरपोरेट नियंत्रण खत्म किया जाए और जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
8 दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी दी जाए।
9। सहकारी समितियों में नए खाते खोलने पर लगी रोक हटाई जाए।
10 स्मार्ट मीटर लगाने की नीति वापस ली जाए।
11 भारत माला परियोजना के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण बंद किया जाए।
12 आवारा पशुओं और जंगली जानवरों से किसानों को हो रहे नुकसान से बचाया जाए।
13 गन्ना किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित किया जाए।
14 नकली खाद और बीज बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
15 डीएपी और बीजों की कालाबाजारी रोकी जाए।
16 राजस्व संबंधी कामों को समय पर पूरा किया जाए।
17 पराली जलाने पर किसानों पर हो रहे केस वापस लिए जाएं।
18 आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द किए जाएं।