राजस्थान में 17 अगस्त के बाद तेज बारिश पर ब्रेक

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कोटा में अब तक सबसे ज्यादा 30 इंच बरसात

रेगिस्तान 45 दिन में ही तरबतर

जयपुर। इस बार राजस्थान में सामान्य से अधिक बारिश हो चुकी है। अभी दो दिन और अच्छी बारिश होगी। इसके बाद तेज बारिश का दौर थम जाएगा। प्रदेश के ज्यादातर तालाब और झील लबालब हो चुकी हैं। सबसे अधिक बारिश राज्य के पश्चिमी हिस्सों के जिलों मेंं हुई है, जहां सामान्य अधिक बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में 30 जून को मानसून की एंट्री हुई तभी से लगातार अच्छी बारिश का दौर जारी है। यही कारण रहा कि 45 दिन में ही प्रदेश के रेगिस्तानी इलाके पूरी तरह से तरबतर हो गए। यहां औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। उधर, राज्य में अब तक कोटा में सबसे ज्यादा 30 इंच बारिश हो चुकी है। मौसम एक्सपट्र्स का कहना है कि 17 अगस्त के बाद बरसात की इस तेजी पर ब्रेक लग जाएगा।

45 दिन में बारिश का कोटा पूरा

दरअसल, प्रदेश में मानसून का सीजन 100 दिन का माना जाता है, लेकिन इस बार डेढ़ महीने में ही औसत बारिश का आंकड़ा पूरा कर लिया। पूरे राज्य में अब तक औसतन 420 एमएम बरसात हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन में औसत बरसात 415 एमएम ही होती है। मौसम केंद्र की रिपोर्ट देखें तो सबसे ज्यादा बरसात कोटा जिले में हुई। यहां अब तक औसतन 735 एमएम (29.4 इंच) से ज्यादा बरसात हो चुकी है। अच्छी बारिश का फायदा न केवल किसानों को हुआ, बल्कि इस बार बांधों में भी समय से पहले पानी आ गया। अमूमन बांधों में 10 अगस्त के बाद पानी आता है। इस बार जुलाई से बांधों में पानी आना शुरू हो गया था।

15 दिन में 44 बांध भर गए, कुल 133 लबालब

राज्य में 1 अगस्त से 15 अगस्त के बीच 44 ऐसे बांध हैं, जो लबालब हो गए। जुलाई तक पूरे स्टेट में 716 में से 79 बांध भर गए थे, अब इनकी संख्या बढ़कर 133 हो गई यानी 15 दिन के अंदर 44 बांध भर गए। हालांकि इतनी अच्छी बारिश के बावजूद राजस्थान के 226 बांध ऐसे हैं, जिनमें पानी नहीं आया। इन बांधों में पानी बहुत कम है या तो वे सूखे हुए हैं।

सभी रेगिस्तानी जिलों में बारिश का कोटा पूरा

राज्य के 33 में से 12 ऐसे जिले हैं, जहां पूरे मानसून के कोटे की बारिश हो चुकी है। इसमें 7 जिले ऐसे हैं, जो रेगिस्तानी यानी सूखा प्रभावित जिले हैं। इन सभी जिलों में इस बार मानसून की बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। इसमें बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, जालोर, जोधपुर, नागौर, गंगानगर के अलावा हनुमानगढ़, अजमेर, कोटा, उदयपुर शामिल हैं।

पिछले 5 साल में सिर्फ एक बार कम बारिश

राजस्थान में पिछले 5 साल के मानसून की स्थिति देखें तो साल 2018 में ही बारिश कम हुई थी। साल 2018 में मानसून सीजन में 393.3 एमएम बरसात हुई, जो सामान्य बरसात से 6 फीसदी कम थी। वहीं, सबसे ज्यादा बरसात साल 2019 में हुई, तब पूरे सीजन में 583.6 एमए बरसात हुई थी, जो सामान्य से 41 फीसदी ज्यादा रही।

इस बार इसलिए अच्छी बारिश

राजस्थान में इस साल अच्छी बारिश के पीछे कारण मानसून का लगातार एक्टिव मोड पर बने रहना है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी से बैक-टू-बैक सिस्टम का बनना और मानसूनी हवाएं लगातार पश्चिम दिशा की तरफ चलती रही। इसके अलावा दूसरा कारण मानसून की ट्रफ लाइन का अपने नॉर्मल पोजिशन पर बना रहना था। यही कारण रहा कि इस बार पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में रिकॉर्ड बारिश हुई।

अगस्त के आखिर में धीमा पड़ेगा बारिश का दौर

राजस्थान में मानसून का कोटा पूरा होने के बाद मानसून का दौर अब थोड़ा धीमा पड़ेगा। 17 अगस्त से राज्य के पाली, नागौर, जोधपुर, जालोर, जैसलमेर, चूरू, बीकानेर, बाड़मेर, उदयपुर, सिरोही और राजसमंद जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। 18 अगस्त से अगले 2-3 दिन तक पूरे राज्य में बारिश का दौर बिल्कुल धीमा पड़ जाएगा और राज्य के अधिकांश एरिया में बारिश नहीं होगी। इसके बाद तेज धूप पडऩे की संभावना है।

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