तीन राज्यों के कर्मचारियों का बढ़ा महंगाई भत्ता

57
महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता

अब इतनी मिलेगी सैलरी

तीन राज्यों की सरकारों ने अपने कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर उन्हें महंगाई से राहत दी। महाराष्ट्र में नवगठित सरकार के साथ छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु की सरकार ने यह कदम उठाया है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को इन राज्यों ने शानदार तोहफा दिया है। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने कर्मियों के महंगाई भत्ते में छह फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। महाराष्ट्र सरकार ने महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य कर्मचारियों के लिए छह प्रतिशत डीए बढ़ाने की सहमति दी है। इससे तमिलनाडु सरकार ने भी महंगाई भत्ता बढ़ाने का एलान किया था।

महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता

महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय की ओर से बताया गया है कि सीएम की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में महंगाई भत्ता में इजाफा करने का फैसला गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक कर्मचारियों के लिए संशोधित डीए का फैसला अगस्त महीने से लागू होगा। सीएमओ की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता अब मूल वेतन का 34 फीसदी कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने भी की घोषणा

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने भी महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार ने बताया है कि इससे राज्य के 3.8 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। राज्य सरकार के अनुसार सरकारी कर्मचारियों को सातवें और छठे वेतन पे कमीशन में छह और 15 फीसदी की दर से साल के एक अगस्त से वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी। सरकार के अनुसार इस बढ़ोतरी से राज्य सरकार के वित्तीय कोष पर 2160 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पडऩे वाला है। बता दें कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों और कर्मचारियों के महासंघ ने पिछले महीने अपनी विभिन्न मांगों के लिए पांच दिनों की हड़ताल की थी, जिसमें महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता (एचआरए) में बढ़ोतरी शामिल थी।

तमिलनाडु ने भी एक जुलाई से बढ़ाया था महंगाई भत्ता

बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी बीते दिनों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने का एलान किया था। एक जुलाई 2022 से इसे बढ़ाकर 34 फीसदी कर दिया गया है। तमिनाडु सीएम ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि इस फैसले से 16 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा और 1,947.60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। स्टालिन ने स्वतंत्रता सेनानियों के लिए पेंशन 18,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह और परिवार पेंशन और स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतिष्ठित नेताओं के वंशजों को 9,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने की घोषणा की।

यह भी पढ़ें : महाराष्ट्र : मालगाड़ी और सवारी गाड़ी में टक्कर