धन कुबेर निकला सूचना सहायक

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दीपक गुप्ता
दीपक गुप्ता

सैलरी 70 हजार, जयपुर में 17 प्लॉट-होटल

जयपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो ने जयपुर के दो सरकारी अफसरों के घर सर्च किए तो टीम भी चौंक गई। सर्च में मिली करोड़ों की प्रॉपर्टी में जयपुर के पॉश इलाकों में खाली जमीनें और एक लग्जरी होटल भी शामिल हैं। दोनों के पास करीब 6.5 करोड़ और 16.31 करोड़ की प्रॉपर्टी मिली है। इनमें से एक सूचना एव तकनीकी विभाग (डीओआईटी) में सूचना सहायक अभी सस्पेंड प्रतिभा कमल के घर सर्च के दौरान 6.5 करोड़ की संपत्ति मिली है। वहीं, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में 70 हजार सैलरी पाने वाले सहायक लेखाधिकारी दीपक गुप्ता के पास 16.31 करोड़ की संपत्तियां मिली हैं।

सूचना सहायक की संपत्ति

अब सर्च करने वाली टीमें दोनों भ्रष्टाचारियों के बैंक लॉकर का खुलने का इंतजार कर रही हैं। बताया जा रहा है कि इनके एक दर्जन से अधिक लॉकर हैं। सभी बैंक खातों में लॉकर लिए गए हैं। प्रतिभा कमल के जयपुर में अलग-अलग बैंक में 11 खाते हैं। वहीं, दीपक गुप्ता के भी 4 बैंक खाते अभी तक सामने आए हैं। जिन्हें आज बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में खोला जाएगा। वहीं, दीपक गुप्ता के खिलाफ लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें विभागीय अधिकारियों को मिलती रही हैं, लेकिन उसका ट्रांसफर जयपुर से बाहर नहीं हुआ।

सूचना सहायक की संपत्ति

सूत्रों के अनुसार उसका ट्रांसफर होते ही नेताओं के फोन बजने लगते थे। हाल ही में भी उसका ट्रांसफर शहर से बाहर हुआ, लेकिन उसने जॉइन नहीं किया। एसीबी डीजी बीएल सोनी ने बताया कि एसीबी की जांच में सामने आया है कि दीपक कुमार के पास आय से लगभग 1200 प्रतिशत ज्यादा प्रॉपर्टी मिली है। वहीं, प्रतिभा कमल के पास 1300 प्रतिशत प्रॉपर्टी ज्यादा है। दीपक के कुल पांच ठिकानों पर एसीबी ने सर्च किया। इसमें दीपक के पास जयपुर में ही 17 प्लॉट मिले हैं। इनमें मकान, दुकान, जमीन और फ्लैट भी शामिल हैं। म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस आदि में इन्वेस्ट कर रखा है।

सूचना सहायक की संपत्ति

आरोपी दीपक ने चित्रकूट में एक आलीशान आधुनिक सुख-सुविधाओं वाला (होम थियेटर, लिफ्ट, जिम) बंगला बना रखा है। इसके अतिरिक्त मानसरोवर जयपुर में एक होटल भी है। आरोपी के जयपुर स्थित मकान से 14.33 लाख रुपए कैश, 1.30 किलो सोने के गहने मिले हैं। इन गहनों में 3 हार, दो ब्रेसलेट, छह सोने की चैन, सोने की चूडियां मिली हैं। वहीं, 20 किलो चांदी की ज्वेलरी भी मिली है।

दीपक और उसकी पत्नी के नाम से ये प्रॉपर्टी मिली

सूचना सहायक की संपत्ति

दीपक के नाम एसएफएस मानसरोवर में प्लॉट
पत्नी के नाम 252.55 वर्गगज का प्लाट चित्रकूट में
पत्नी के नाम 1 बीघा 99 बिस्सा फागी में जमीन
पत्नी के नाम फागी में ग्राम माधोराजपुरा तहसील में 1 बीघा जमीन
पत्नी के नाम से फागी में 1 बीघा बारानी जमीन
पत्नी के नाम से तहसील फागी जयपुर में कृषि भूमि 1 बीघा 9 बिस्वा जमीन
पत्नी के नाम से आवासीय योजना गोपाल विहार 319.86 वर्गगज जमीन
पत्नी के नाम से करतारपुरा में प्लाट नम्बर 40

पिता की जगह नौकरी मिली थी

गुप्ता मूलत : बस्सी के बनाड़ा के रहने वाले हैं। 1995 में पिता की जगह एलडीसी पद पर अनुकंपा नियुक्ति में नौकरी लगी। विभागीय परीक्षा देकर 2005 में जूनियर अकाउंटेंट बने। जयपुर डिस्कॉम के एएओ दीपक कुमार को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। पैसे की भूख और लग्जरी लाइफ ने दीपक के घर में भ्रष्टाचार फैला दिया था।

साल 2018 में चित्रकूट में ढाई सौ वर्गगज के प्लॉट में शानदार घर बनवाया है। इस लग्जरी घर में महंगा इंटीरियर करवाया है। इसके अलावा एफएसएफ मानसरोवर में 4 मंजिला मकान को किराए पर दे रखा है। आलीशान घर में लिफ्ट, सेंसर वाले पंखे-दरवाजे और लाइट वाला फव्वारा, लग्जरी होम थियेटर, चाउ-चाउ चाइनीज नस्ल के दो डॉगी, अफ्रीकन ग्रे नस्ल का तोता, सोने की दो घडिय़ों सहित अन्य विदेशी घडिय़ां, बेशकीमती झूमर, महंगे होम अपलाइंसेस, 13 एसी, लाइट वाला फाउंटेन व महंगे कारपेट मिले हैं।

गुप्ता के पास जेपीडीसी में परचेज व सीएलआरसी ऑर्डर के साथ बिल पास करने की जिम्मेदारी थी। शिकायतों के बाद 5 बार जेपीडीसी से तबादला हुआ, पर हर बार नेताओं की सिफारिश के बाद जेपीडीसी में पोस्टिंग ले ली। डिस्कॉम के सीएओ ने 6 सितंबर को गुप्ता को जेपीडीसी से हटाकर डीग (भरतपुर) लगा दिया था। पर तीन महीने में नोटिस देने के बाद भी उन्होंने जॉइनिंग नहीं दी। डिस्कॉम प्रबंधन पर एएओ गुप्ता को वापस जेपीडीसी लगाने का दबाव था। अगली सूची में उनका तबादला निरस्त होना तय था।

ढाई करोड़ से ज्यादा की कारें

एसीबी डीजी बीएल सोनी ने बताया कि इसके साथ प्रतिभा कमल के घर में भी सर्च किया गया। जो फिलहाल डीओआईटी में सूचना सहायक पद से सस्पेंड हैं। उन्होंने जयपुर के घर, दुकान, जमीन, फ्लैट, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस में निवेश किया हुआ है। प्रतिभा कमल बिना अनुमति विदेश घूमने गईं तो एसीबी की रडार पर आ गईं। विदेश से लौटने पर एसीबी ने रैकी की तो प्रतिभा की लग्जरी लाइफ का खुलासा हुआ। दोनों ही आरोपियों के पास कुल प्रॉपर्टी व सामान है इसकी सही कैलकुलेशन आज की जाएगी।

दो महीने पहले हुई थी शिकायत

एसीबी डीजी बीएल सोनी का कहना है दो माह पहले इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि डीओआईटी की सूचना सहायक प्रतिभा कमल और डिस्कॉम के एएओ दीपक गुप्ता काफी पैसे का लेन-देन कर रहे हैं। दोनों ही कार्मिक नौकरी छोड़कर घर बैठे हैं। प्रतिभा निलंबित है और दीपक तबादला होने के बाद डीग में ज्वाइन नहीं कर रहा है।

जांच में सामने आया कि प्रतिभा बिना सूचना विदेश गई थी। इस कारण उसे निलंबित किया गया था। दीपक भी पहले परिवार के साथ विदेश जा चुका है। इसके बाद टीमों को रेकी में लगा दिया। सोमवार को दोनों पर आय से अधिक संपत्ति के केस दर्ज करके सर्च वारंट जारी करवाया। मंगलवार सुबह 7 बजे एडि. एसपी ललित शर्मा व पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ के नेतृत्व में 100 कर्मियों की 7 टीमें बनाई गईं। हर टीम मे महिला कर्मी भी थीं। अब जेडीए सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा बुधवार को प्रॉपर्टी की वैल्यू करवाई जाएगी और सीज करवाए गए बैंक खातों की जांच करवाई जाएगी। पूरी डिटेल के बाद इनका चालान पेश किया जाएगा।

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