इस्लामिक जिहाद को खतरा बता इजराइल ने गाजा में दागे रॉकेट

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इजराइल
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47 फिलिस्तीनियों की मौत

इजराइल। पिछले साल मई माह में करीब 11 दिन की लड़ाई के बाद एक बार फिर इजराइल ने गाजा पर जमकर बम बरसाए। इस हमले में 47 फिलिस्तीनियों की मौत हो जाने की खबरें हैं। इजराइल ने गाजा में ये हमले इस्लामिक जिहाद से खतरा होने की वजह से किए हैं। जानकारी के मुताबिक इजराइल ने 6 अगस्त को गाजा पट्टी पर अचानक हमला कर दिया। इस बार निशाना हमास की जगह फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद नाम का संगठन था। इजराइल इन संगठनों को अपने लिए खतरा मानता है। दोनों तरफ से एक– दूसरे पर सैकड़ों रॉकेट दागे गए। पिछले साल मई में 11 दिन चली लड़ाई के बाद यह गाजा पर सबसे बड़ा हमला था।

मृतकों में 16 बच्चे भी

मिस्र की मध्यस्थता से ये लड़ाई रुक गई। अल जजीरा के मुताबिक, 6 से 8 अगस्त के बीच इजराइली हमले में 47 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हुई। इनमें 16 बच्चे हैं। अब दो सवाल उठते हैं। पहला कि इजराइल ने एक साल की शांति के बाद इतना बड़ा ऑपरेशन किया क्यों? और दूसरा इससे उसे हासिल क्या हुआ।

क्या है पीआईजे

आइए, इनके जवाब में उतरते हैं। सबसे पहले जान लें कि फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद यानी पीआईजे है क्या। गाजा में इजराइल विरोधी कई संगठन एक्टिव हैं। इनमें हमास सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद का नाम कम ही सुनाई देता है। इसे ईरान का समर्थन है। सीरिया की राजधानी दमिश्क में संगठन का हेडक्वार्टर है। इजराइल का कहना है कि इस्लामिक जेहाद की तरफ से उस पर बड़े हमले का खतरा था। इसलिए ऑपरेशन ब्रेकिंग डॉन शुरू किया गया। इसका मकसद संगठन की लीडरशिप को खत्म करना था। इजराइली सेना के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान फिलिस्तीनी इस्लामिक जेहाद का मुखिया खालिद मंसूर और संगठन के कई बड़े कमांडर मारे गए। इसकी लीडरशिप तकरीबन खत्म हो गई है।

हमास की चुप्पी यानी इजराइल विरोधी संगठनों में मतभेद

इस बार के ऑपरेशन से इजराइल हमास और इस्लामिक जिहाद के बीच मतभेद पैदा करने में भी कामयाब रहा। गाजा के कुछ हिस्सों पर इस्लामिक जिहाद का नियंत्रण है। ज्यादातर हिस्से पर 2007 के बाद से हमास का कब्जा है। इजराइल हमास को आतंकी संगठन मानता है।

ऑपरेशन ब्रेकिंग डॉन के दौरान हमास ने इजराइल के खिलाफ कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हमास इस लड़ाई में शामिल हो जाता, तो ये और भी लंबी खिंच सकती थी। इससे मरने वालों की तादाद भी बढ़ जाती। गाजा पट्टी की लंबाई 365 वर्ग किलोमीटर है। इजराइल और मिस्र ने इसकी घेराबंदी कर रखी है। यहां करीब 21 लाख लोग बहुत मुश्किल हालात में रहते हैं। इजराइल ने जहां ऑपरेशन किया, वहां पतली गलियां हैं। घर एक-दूसरे से बिलकुल सटे हैं। इस वजह से घायलों को लेने के लिए एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाईं।

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