अधिकारी बोले : साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर राज्य सरकार बहुत गंभीर

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नागौर। साइबर अपराध के बढ़ते मामले पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मंगलवार को बैठक आयोजित हुई। इस दौरान बताया कि हेल्पलाइन नम्बर का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश मुख्य सचिव निरजन आर्य ने दिए तथा कहा कि शिकायत आते ही उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए, ताकि ठगी को रोका जा सके।

मुख्य सचिव आर्य मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलक्टर, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक सहित विभागों के उच्चाधिकारी के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

इस दौरान कलक्ट्रेट परिसर स्थित भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र से कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के साथ एसपी अभिजीत सिंह, एडीएम मोहनलाल खटनावलिया, एएसपी राजेश मीणा, सीएमएचओ डॉ. मेहराम महिया, कृषि विभाग के उपनिदेशक शंकराराम बेड़ा, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता जगदीशचंद्र व्यास, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल मुकेश शर्मा सहित जिला स्तरीय अधिकारी वीसी में शामिल हुए।

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों के मामलों के प्रति राज्य सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि लोगों को जानकारी नहीं है कि ठगी होने के बाद क्या कदम उठाना चाहिए। इसलिए हेल्पलाइन नम्बर के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को जानकारी दी जाए। जिन नम्बरों से बार-बार इस तरह की ठगी की जा रही है, उन्हें ब्लॉक किया जाए। उन्होंने साइबर फ्रॉड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी जिला पुलिस अधीक्षकों से सुझाव देने के लिए भी कहा।

मुख्य सचिव ने पुलिस थानों को पब्लिक फ्रेंण्डली बनाने के उद्देश्य से हर थाने में पृथक स्वागत कक्ष बनाने के कार्य को शीघ्र पूरा करवाने के निर्देश भी जिला कलेक्टरों को दिए। मुख्य सचिव ने बैठक में प्रशासन गांवों के संग अभियान की जिलों में तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर से शुरू होने वाला प्रशासन गांवों के संग अभियान सरकार के सुशासन के संकल्प की जीवंत परिणिती है। उन्होंने कहा अभियान से ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर कैम्पों के माध्यम से तकरीबन 19 विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा।

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